सिवनी मालवा [ TNN ] पत्रकार पर हमले की कोई नई घटना नहीं है पत्रकारों की सुरक्षा पर भी सवाल खडे होने लगे है पत्रकार अव अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो रहे है ! आसामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद है ! आसामाजिक तत्वों का शिकार हुए होशंगावाद जिले की सिवनी मालवा तहसील के बरिष्ठ पत्रकार का जिला चिकित्सालय होशंगावाद में उपचार चल रहा है ! बरिष्ठ पत्रकार पर प्राण धातक हमला कर रूपये पैसा और सामग्री छीन कर आरोपी फरार हो गए !
भोपाल से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र राजू रिर्पोटर के सह संपादक पी.सी. बोस शनिबार की शाम करीव 07 वजे अपने घर बानापुरा से ग्राम चतरखेड़ा लौट रहे थे उसी समय रेल्वे गेट के पास अज्ञात आरोपियों ने सामने से मोटर साईकिल की टक्कर मारकर प्राणघातक हमला कर उनके पास का सामान छीनकर भाग गए ! नागरिकों ने भी उन्हें पकडना चाहा परन्तु वह देख लेने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए !
नागरिकों की मदद् से तत्काल 108 एम्बूलेन्स से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया जहां प्राथमिक उपचार डॉक्टर जी आर करोडे ने किया पश्चात गहन चिकित्सा के लिए जिला चिकित्सालय होशंगावाद भेजा जहां उपचार जारी है ! धायल पत्रकार पी.सी.बोस ने वताया कि बाढ के कारण मेरे मकान में पानी भरने से भारी क्षति हुई बाढ से हुई क्षति का सर्वे नही किया उसके बारे में बतलाने सिवनी मालवा तहसील कार्यालय गया था परन्तु छुट्टी होने के कारण पेपर की वसूली करते हुए शाम को जब में घर वापस जा रहा था उस समय अज्ञात लोगों ने कहा कि ये पत्रकार है हमला कर धायल कर मेरा बैग और अन्य सामान लेकर भाग गए श्री बोस ने रोते हुए बताया कि हमालवरों ने देख लेने की धमकी भी दी है ! उन्होंने वताया कि मेरे बेग में साप्ताहिक राजू रिपोर्टर पेपर की बिज्ञापन की वसूली के करीव पच्चीस से तीस हजार रूपये नगद, बैंक चैक, बिल बुक के साथही अन्य कागज और बच्चों के लिए खाने की सामाग्री भी थी जो हमलाबर लेकर भाग गए. में चोट लगने के कारण नीचे गिरा और बेहौश हो गया फिर नहीं मालुम क्या हुआ मैने अपने आप को जिला अस्पताल में पाया जहां उपचार किया जा रहा है !
इस घटना को लेकर स्थानीय एवं जिले के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है समस्त पत्रकारों ने हमले की निन्दा की है ! जिला पंचायत सदस्य एवं स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने पत्रकार पर हुए हमले की निन्दा करते हुए कहा कि पत्रकारों पर हमला चिन्ता का विषय है इसे गम्भीरता से लेना चाहिए पूर्व में भी पत्रकारों पर हमले के अनेक मामले हुए है।

