नई दिल्ली [ इंटनेट डेस्क ] पूर्व आर्मी चीफ जनरल वी के सिंह के घर में चोरी की कोशिश नाकाम किए जाने की खबर है। दो-तीन लोग चोरी के मकसद से घर में घुसे थे जिनमें से एक को पकड़ लिया गया, बाकी लोग भागने में सफल हो गए। दिलचस्प बात यह है कि पकड़ा गया शख्स सेना में ही मेजर रैंक का ऑफिसर बताया जाता है। उसका नाम मेजर आर. विक्रम है।
जनरल सिंह के वकील ने बताया कि अनधिकृत तौर पर दो-तीन लोग उनके आवास में घुसे थे। उन्हें चुपके से कुछ दस्तावेज निकालते पाया गया। हालांकि वे कुछ निकाल नहीं पाए. उन्हें पहले ही देख लिया गया। सुरक्षा कर्मियों और परिवार के सदस्यों ने मिलकर उनमें से एक शख्स को पकड़ लिया। यह शख्स सेना की वर्दी में थे। पुलिस को सूचना दे दी गई है।
मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। मीडिया के लोगों ने उस शख्स से बात करने की काफी कोशिश की, मगर वह पहले कैमरे से बचने की कोशिश करता रहा, पर कैमरे के सामने आने के बाद भी अपना मुंह बिल्कुल बंद रखा।
सूत्रों के मुताबिक जनरल सिंह का परिवार इस घटना के पीछे किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहा है। उसके मुताबिक यह जासूसी का भी मामला हो सकता है। जिस तरह से पहले उनकी सुरक्षा वापस ली गई और फिर सेना से जुड़े लोग इस तरह घर में घुसते पाए गए, उसे देखते हुए परिवार मानता है कि इस मामले में सरकार की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सेना ने गलतफहमी का मामला बताया
इस बीच सेना ने इस पूरे मामले को गलतफहमी का नतीजा बताते हुए कहा है कि जो लोग जनरल वी के सिंह के घर भेजे गए थे, वे कोर सिगनल टीम के थे। यह फोन सेटअप का सामान्य मामला था, मगर जनरल सिंह के घर तैनात सुरक्षाकर्मियों को समय पर सूचना नहीं दी जा सकी। इस वजह से यह विवाद हो गया। कर्नल जगदीश दहिया ने बताया कि थोड़ी ही देर में सारी गलतफहमी दूर कर ली जाएगी।

