खण्डवा [ NI 24 ] कलेक्टर कार्यालय में नर्मदा आंदोलन के प्रतिनिधि मंडल के साथ जिला प्रशासन, एन.एच.डी.सी. एवं नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की ओंकारेश्वर एवं इंदिरा सागर बांध के विस्थापितो के पुनर्वास एवं इन बांधों में लाई जा रही डूब के बारे में चर्चा हुई। लगभग चार घंटे चली इस बैठक में में जिला कलेक्टर नीरज दुबे, पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा, एन.एच.डी.सी. महाप्रबंधक मिश्रा, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के खरे और नर्मदा बचाओं आंदोलन के आलोक अग्रवाल के साथ ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर के विस्थापित प्रतिनिधी थे।
बैठक में नर्मदा आंदोलन की तरफ बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के तमाम आदेशो अनुसार विस्थापितों का पुनर्वास किया जाना संविधान के अनुक्षेद 21, जीने के अधिकार के तहत आता है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार विस्थापितों का पुनर्वास डूब आने के छः महीने पूर्व हो जाना जरूरी है। ओंकारेश्वर परियोजना के विषय में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश को पढकर यह बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि पुनर्वास नीति का पालन नही हुआ हैं और जमीन के बदले जमीन और पुनर्वास देना राज्य सरकार का दायित्व है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि यह कार्यवाही बांध निर्माण के पहले पूरी हो जानी चाहिए। हाल ही में शिकायत निवारण प्राधिकरण ने अपने आदेशो में कहा है कि पुनर्वास नीति का पालन नही हुआ हैं और सभी प्रभावित जमीन पाने के पात्र है। बैठक में यह भी बताया गया कि उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार इंदिरा सागर बांध में 260 मीटर से ऊपर पानी नही भरा जा सकता है।
बैठक में विस्थापितो द्वारा यह भी बताया गया कि इंदिरा सागर डूब क्षेत्र में जगह-जगह गांव टापू बन रहे है और बिना अधिग्रहण की जमीने डूब में आ रही है। बैठक में कलेक्टर खण्डवा ने कहा कि उनके अधिकार क्षेत्र के सभी मुद्दे जैसे कि छुटे हुए 350 घरो का अधिग्रहण, अतिक्रमणकारियों को जमीन आबंटन, टोकी व केलवा बुजुर्ग के पारधी व सपेरा समाज के लोगो को अनुदान व प्लाट आंबटन आदि मुद्दो पर वे स्वयं कार्यवाही करेंगे। जमीन के बदले जमीन एवं बांध में पानी कम करने के विषय पर उनका अधिकार क्षेत्र न होने के कारण इस विषय में कल दिनांक 31 अगस्त 2012 को शाम चार बजे प्रमुख सचिव नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण श्री रजनीश वैश के साथ बैठक रखी गई है।
इस बैठक में नर्मदा आंदोलन के प्रतिनिधी मण्डल के साथ कलेक्टर खण्डवा व एन.एच.डी.सी. के अधिकारी माजूद होंगे। दूसरी ओर ग्राम घोगलगांव में आज छठे दिन भी सत्याग्रह जारी है अनेक सत्याग्रहीयों के शरिर में पैर व अन्य स्थानो पर छाले पड गये है एवं चमडी सफेद हो गई है। इंदिरा सागर डूब क्षेत्र में जिला खण्डवा में ग्राम बडखालिया और जिला हरदा में ग्राम खरदना में भी जलसत्याग्रह जोर शोर से चल रहा है।

