जबलपुर [ NI 24 ] शहर में लगातार बढ़ रही स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या से प्रदेश भर में दहशत का माहौल बना हुआ है। जबलपुर में स्वाइन फ्लू के अब तक 9 मरीज मिल चुके हैं, इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पिछले 6 महीनों में राजधानी भोपाल सहित प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 13 हो चुकी है। लेकिन प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि अस्पतालों में अब तक वैक्सीन नहीं आई हैं।
जबलपुर के जिला अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में तो ताला लगा हुआ है। लगातार बदलते मौसम के चलते इंफ्लूएंजा एच-1 एन-1 यानी (ह्यूमन टू ह्यूमन) वायरस अब शहर में तेजी से फैल रहा है। शहर में अब तक 9 मरीजों में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं राजधानी में एक गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। स्वाइन फ्लू के लगातार सामने आ रहे नए केसों के बाद भी प्रशासन द्वारा इसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं इसकी वैक्सीन के बारे में भी आम लोगों को कोई जानकारी दी जा रही है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत डॉक्टरों के लिए मेडिकल प्रबंधन ने अपनी राशि से 100 वैक्सीन बुलवाई है, जो कि सिर्फ डॉक्टरों को ही लगाया जाना है। सूत्रों का कहना है कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किसी भी मरीज को वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है।करीब 15 दिन पहले विक्टोरिया अस्पताल में सर्दी, खांसी की शिकायत के चलते एक बच्ची को उसके परिजन इलाज के लिए लेकर आए थे। इस दौरान आरएमआरसी के सर्विलेंस के दौरान बच्ची का सैंपल लिया गया था। सैंपल की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद अस्पताल प्रबंधन को सूचना भी दी गई लेकिन प्रबंधन स्वाइन फ्लू की पॉजिटिव बच्ची को अब तक नहीं खोज पाया है। यदि जल्द ही इस बच्ची को नहीं खोजा गया तो पूरा शहर स्वाइन फ्लू की चपेट में आ जाएगा।
बहरहाल मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू से दहशत का माहोल बना हुआ है ! लेकिन प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सुस्त नजर आ रहा है ! यदि यही हाल रहे तो स्वाइन फ्लू न जाने कितने लोगो को अपनी चपेट में ले लेगा !

