इंदौर [ NI 24 ] कहते है की लोगो को जगाने के लिए किसी न किसी को अपनी जान देनी पड़ती है, दो दिन पहले इंदौर में अपने ही गोद लिए पिता का शिकार हुई बच्ची के बाद अब लोगो में जागरूकता फैलने लगी है, उस घटना से सीख लेकर आज लोगो ने एक बच्ची को स्कुल संचालिका की केद से आजाद कराया !
देश की सोयी हुई जनता को जगाने के लिए हमेशा से ही कोई न कोई अपनी शहादत देता आया है, फिर चाहे मंगल पांडे की फांसी के बाद हुई 1857 की क्रांति हो या भगत सिंह की फांसी के बाद पूरे देश में हुए आजादी के लिए आन्दोलन की, दोनों ही वीर शहीदों की शहादत के बाद जिस तरह से पूरा देश जागरूक हुआ ठीक उसी तरह से 2 दिन पहले अपने ही गोद लिए पिता की ज्यादती का शिकार हुई मासूम शिवानी की मौत के बाद एक बार फिर समाज जागरूक हुआ है ! उस घटना से सीख लेते हुए आज इंदौर के ही सुदामा नगर में गोद ली हुई बच्ची से अमानवीय बर्ताव करने वाली महिला से उस बच्ची को आजाद कराया है… फिलहाल बच्ची और उसकी तथाकथित माँ पुलिस की हिरासत में है !
7 वर्षीय मासूम वैदांशी को इसे संगीता भुजबल नामक महिला ने चार माह पहले ही बाल संरक्षण आश्रम हाथिपाला से गोद लिया था… संगीता एक स्कूल संचालिका है और बच्ची से घरेलु कामकाज करवाती है, कुछ गलती होने पर बच्ची को जमकर पीट भी देती है… पड़ोसियों की माने तो संगीता बच्ची के मुह में कपडा ठूंस कर उसकी देर रात तक पिटाई करती रही है और यह सिलसिला पिछले कई दिनों से लगातार जारी है… लेकिन कल शिवानी के बारे जानने के बाद पड़ोसियों ने अपनी हिम्मत दिखायी और बड़ी संख्या में एकत्रित होकर संगीता के घर पहुंच गए बच्ची को छुडाने साथ ही उन्होंने मामले की सूचना अन्नपूर्णा पुलिस को भी दी ! वही सहमी हुई बच्ची पिटाई किये जाने का मना करती रही !
थाने में आने के बाद संगीता ने अपना रोद्र रूप दिखा डाला, उसने पड़ोसियों पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया और बच्ची को बेटी की तरह पालने की बात बताई… मारपीट और डांट डपट की बात बच्ची को कुछ सिखाने के लिए करने की बात कही !
पुलिस बच्ची को और संगीता को लेकर अन्नपूर्णा थाने पहुंची जहा बच्ची को मेडिकल के लिए भेजा गया है जबकि संगीता को जांच किये जाने तक हिरासत में लिया गया है !

