इंदौर [ NI 24 ] एम् वाय अस्पताल में साल के पहले दिन ही घायलों को इलाज के लिए घंटो इन्तजार करना पडा । मरीजो के परिजन इलाज करवाने के लिए परेशान होते रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई । बाद में मामला एम् वाय अधीक्षक तक पहुचा जिसके बाद व्यवस्थाए सुधरी ।
एम् वाय केजुअल्टी में घायल पड़े इस शख्स का नाम दिनेश पंजोरे है । कर्बला मैदान के पास रहने वाले कैलाश का अपने पड़ोसियों से विवाद हो गया था जिसके बाद पड़ोसियों ने उसे इंट मारकर घायल कर दिया । दिनेश को उसकी पत्नी ममता एक पुलिस कर्मी के साथ इलाज के लिए एम् वाय अस्पताल लाई थी लेकिन एक घंटा बीत जाने के बावजूद किसी ने उसके घावो का इलाज नहीं किया ।
कुछ इसी तरह का हाल दिनेश के पास ही लेटे मरीज धरम बानोदा का था । धरम अपने घर की छत से गिरने से घायल हो गया था । उसके परिजन भी अपने मरीज के इलाज के लिए परेशान हो रहे थे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी ।
दरअसल अस्पताल में यह स्थिति स्वीपर न होने के कारण बनी थी । स्वीपर नहीं होने से वो उपकरण धुल नहीं पा रहे थे जिनसे घायलों का इलाज होना था । केजुअल्टी में मौजूद नर्सिंग स्टाफ और डाक्टर इस वजह से उनका इलाज नहीं कर रहे थे । एसा नहीं था इस बात की शिकायत जिम्मेदारो को न की गई हो लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हुई । बाद में मीडिया कर्मियों ने मामले की जानकारी एम् वाय अधीक्षक डा ठाकुर को दी जिसके बाद डा ठाकुर ने ड्यूटी पर मौजूद जिम्मेदारो को अपने लहजे में समझाया । हालाकि इस कवायद के कारण अस्पताल में मौजूद कर्मचारी काफी नाराज भी हुए ।
बहरहाल करीब एक घंटे के बाद उपकरण साफ़ हुए और उसके बाद घायलों का इलाज हुआ लेकिन यहा सवाल यह खडा होता है की अगर इलाज के अभाव में मरीजो की जान चली जाती तो उसका जिम्मेदार कौन होता ।

