इंदौर [ NI 24 ] नदियों को जोडऩे की यह अद्भुत योजना है। योजना से मात्र दो नदियाँ ही नहीं बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनेक महत्वपूर्ण और पवित्र नदियों का मिलन भी होगा।
पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी ने आज इंदौर से लगभग 22 किलोमीटर दूर उज्जैनी ग्राम में क्षिप्रा नदी के उद्गम-स्थल क्षिप्रा टेकरी में नर्मदा और क्षिप्रा नदी के मिलन की 432 करोड़ रुपये की नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना के लिए भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करते उक्त बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्षिप्रा के उद्गम-स्थल क्षिप्रा टेकरी पर माँ नर्मदा और क्षिप्रा का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की। श्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि नदियों को जोडऩे तथा इनका जाल पूरे देशभर में बुनने का सपना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी ने देखा था। श्री वाजपेयी के स्वप्न को साकार होता देख उन्हें बेहद खुशी हो रही है। नदियों के आपस में जुडऩे से अति वृष्टि के समय बाढ़ का खतरा कम होगा तथा अल्प वर्षा में देश को सूखे की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
समारोह में श्री कन्हैया लाल अग्रवाल, श्री महेन्द्र हार्डिया, सांसद श्री प्रभात झा, सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन, पूर्व सांसद श्री थावरचंद गेहलोत, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री गोविंद मालू, इंदौर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश परसावदिया, क्षेत्रीय विधायक श्री जीतू जिराती सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, मीडियाकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि इस योजना के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वप्न को साकार करने का अवसर मिला है। परियोजना के प्रथम चरण को एक वर्ष के रिकार्ड समय में पूरा किया जाएगा। यह योजना मध्यप्रदेश, विशेषकर मालवा क्षेत्र में नयी खुशहाली लाएगी, मालवा को नया जीवन मिलेगा तथा यहाँ के निवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आएगा। श्री चौहान ने क्षिप्रा के उद्गम-स्थल क्षिप्रा टेकरी पर माँ नर्मदा और क्षिप्रा मैय्या का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की।
श्री चौहान ने कहा कि इस स्थल को तीर्थ-स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा और इसे संगम-स्थल के रूप में जाना जाएगा। उद्वहन द्वारा जल की मात्रा- 5.0 क्यूमेक, राइजिंग मेन की कुल लम्बाई- 49.00 कि.मी., राइजिंग मेन की सड़क के समानांतर लम्बाई- 28.00 कि.मी, वन क्षेत्र में से जाने वाली राइजिंग मेन की लंबाई – 5.50 कि.मी, वन क्षेत्र में से जाने वाली सुरंग की लम्बाई- 4.50 कि.मी, सिसलिया तालाब की समुद्र तल से ऊँचाई- 228.00 मी., ग्राम उज्जैनी के निकट जिजलावंती नाला की समुद्र तल से ऊँचाई – 576.00 मी., उद्वहन की कुल ऊँचाई- 348.00 मी., राइजिंग मेन के पाइप का व्यास- 2.00 मी. (एक पक्ति में), विद्युत मोटर पम्प – 3 नग (3000 कि.वाट प्रत्येक), भू-अर्जन (अ) वन क्षेत्र- 5.00 हेक्टेयर, निजी भूमि- 70.00 हेक्टेयर, विद्युत मोटर पम्पस् को स्थित करने का स्थान- प्रथम : सिसलिया तालाब, द्वितीय : ग्राम गवालू, तृतीय : ग्राम बाई, योजना की कुल लागत- रुपये 432 करोड़.! उज्जैन. वर्तमान में केन्द्र में जो सरकार है उसके जैसी कमजोर सरकार पहले कभी नहीं देखी. कमजोर, अशक्त व निर्णय लेने में असक्षम है केन्द्र की सरकार. उपरोक्त विचार पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के हैं आप उज्जैन शहर में नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना के शुभारंभ अवसर पर एक आमसभा को संबोधित कर रहे थे !
अपने 20 मिनिट के संक्षिप्त उद्बोधन में जहां श्री आडवाणी ने मुख्यमंत्री शिवराज को सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री कहा वहीं केन्द्र सरकार को भी जमकर कोसा. श्री आडवाणी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के साथ हेलीकॉप्टर से करीब 12 बजे पुलिस लाईन स्थित हेलीपेड पर पहुंचे. चूंकि श्री आडवाणी को झेड प्लस सिक्युरिटी है इसलिए कुछ ही लोगों को आपका स्वागत करने की अनुमति दी गई थी. हेलीपेड से आप रामघाट पहुंचे जहां आपनें नर्मदा के जल से मां शिप्रा का अभिषेक किया, यहां से सीधे आप श्री महाकालेश्वर के दर्शन को मंदिर पहुंचे और पूजन-अर्चन किया. सर्किट हाऊस कुछ देर विश्राम के पश्चात आप सीधे नानाखेड़ा स्टेडियम पहुंचे जहां आपने नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना के मॉडल का फीता काटा और पश्चात रिर्मोट दबाकर उस मॉडल का शुभारंभ किया. तत्पश्चात आमसभा को संबोधित कर प्रदेश सरकार की खुबियां आपने आमजन के सामने रखी !
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने कहा कि अब मालवा में पानी की कमी कभी नहीं आएगी. इस योजना में मुझे 18 हजार करोड़ की बजाए 1 लाख करोड़ भी खर्च करना पड़े तो मैं आमजन के हित में पीछे नहीं हटूंगा. पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधनासिंह भी प्रेस कक्ष से कार्यक्रम को तन्मयता के साथ सुनती रहीं. इसी बीच एक बालिका ने आपसे कहा कि उसके परिवार को लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिला है. तत्काल श्रीमती सिंह ने अधिकारियों को बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री आडवाणी का स्वागत महापौर रामेश्वर अखण्ड, मंत्री पारस जैन, प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव, योजना आयोग उपाध्यक्ष बाबूलाल जैन, शहर अध्यक्ष अनिल जैन कालूहेड़ा, अशोक प्रजापत, डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक शिवनारायण जागीरदार आदि ने किया!

