नई दिल्ली [NI 24 ] कोयला आवंटन पर बने अंतर मंत्रालयी समूह यानी आईएमजी ने प्राइवेट कंपनियों को मिले 4 कोल ब्लॉक वापस लेने की सिफारिश की है। यही नहीं 3 अन्य कंपनियों की बैंक गारंटी जब्त करने की भी सिफारिश आईएमजी ने की है। एक कंपनी को बैंक गारंटी जमा करने को कहा जाएगा। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने तय वक्त पर काम शुरू नहीं किया। कोयला मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम जाहिर ने किए जाने की शर्त पर यह जानकारी दी।
समूह ने बुधवार को 8 मामलों की समीक्षा की थी और उसने 4 खानों का आवंटन रद्द करने की सिफारिश की है। कहा जा रहा है कि अब इस मामले में सिर्फ औपचारिकता भर बाकी है। इनमें से दो खानें निजी फर्म फील्ड माइनिंग ऐंड इस्पात को आवंटित हैं।’ फील्ड माइनिंग ऐंड इस्पात समेत 58 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। फील्ड माइनिंग ऐंड इस्पात ने महाराष्ट्र में शिनोरा तथा वारोरा सदर्न पार्ट कोयला खान का विकास समय पर नहीं किया। कैग की रिपोर्ट के बाद कोयला खानों के आवंटन को लेकर शुरू हुए विवाद में मंत्रालयी समूह की यह पहली सिफारिश है। समूह ने बुधवार को 8 घंटे लंबी बैठक में 8 मामलों की समीक्षा की थी। समूह ने 6, 7 व 8 सितंबर को कुल मिलाकर 29 कोयला खान आवंटियों का पक्ष सुना था। इस बीच कोयला मंत्राल श्रीप्रकाश जायसवाल ने उम्मीद जताई है कि मंत्रालयी समूह 17 सितंबर तक अपनी पहली रिपोर्ट दे देगा। इसके लिए 15 सितंबर की अंतिम तारीख तय की गई थी।
गौरतलब है कि हाल ही में आई सीएजी की रिपोर्ट में निजी कंपनियों को आवंटित कोल ब्लॉक के मामले में करीब एक लाख 86 हजार करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया था। इस रिपोर्ट के आने के बाद से विपक्ष ने पीएम का इस्तीफा और आवंटन रद्द करने की अपनी मांग को लेकर संसद ठप रखी।

