राजस्थान [ इंटरनेट डेस्क ] सीकर जिले में एक स्थानीय अदालत ने भैंस के साथ यौनाचार करने के आरोप में एक व्यक्ति को पांच साल की सजा सुनाई है। यह मामला सीकर जिले के खंडेला थाना क्षेत्र के एक गांव का है। अदालत ने आरोपी पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही अदालत का आदेश है कि अगर आरोपी बनवारी लाल ने जुर्माना नहीं दिया तो उसकी सजा छह महीने और बढ़ा दी जाएगी।
गांव के सुआलाल ने चार अप्रैल 2007 को पुलिस में शिकायत की थी कि बनवारीलाल उर्फ बन्ना ने उसकी भैंस के साथ यौनाचार किया है। लेकिन 26 साल के बनवारी ने इस आरोप से इंकार किया है और इसे पुरानी रंजिश में फंसाने का मामला बताया है। साथ ही कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ आगे अपील करेंगे। बनवारी को यह सजा भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत दी गई है। इस धारा में अप्राकृतिक यौनाचार के विरूद्व सजा का प्रावधान है।
पुलिस ने जांच के दौरान भैंस के साथ यौनाचार के आरोप को सही पाया था और अदालत में मुकदमा पेश किया था। इसका फैसला आते-आते पांच साल लग गए। अभियोजन पक्ष ने आरोप सिद्घ करने के लिए ग्यारह गवाह पेश किए और पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में भी यह आरोप सही पाया गया। रिपोर्ट में भैंस के साथ मानव शुक्रणाओं की उपस्थिति के संकेत मिले थे। बचाव पक्ष अपने पक्ष में केवल एक ही गवाह पेश कर पाया।

