अहमदाबाद [ इंटरनेट डेस्क ] गुजरात में मोदी की हैट्रिक पक्की (पार्टीवार व सीटवार लिस्ट) देख भाजपाई जश्न मनाने में जुट गए हैं, वहीं कांग्रेसी खेमे में सन्नाटा पसरा है। बीजेपी समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। नरेंद्र मोदी चार बजे अपने दफ्तर में जीत का जश्न मनाएंगे। लेकिन अहमदाबाद के एलिस ब्रिज स्थित कांग्रेस मुख्यालय (राजीव गांधी भवन) में सन्नाटा है।
उधर, ‘जजमेंट-डे’ की पूर्व संध्या पर यहां अदालतों को धमकी भरे पत्र मिलने से खलबली मच गई। इन पत्र में लिखा है कि गुरुवार को यदि नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो शहर, मेट्रो, सेशन एवं हाईकोर्ट में बम विस्फोट होंगे!
कट्टरपंथी संगठनों के समर्थक इस बात की परवाह नहीं करेंगे कि नरेंद्र मोदी उनकी विचाऱधारा पर नहीं चल रहे हैं लेकिन एक बात पक्की है कि यदि बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को अपना मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित नहीं किया होता तो गुजरात में मुकाबला कांटे का हो सकता था। सीएसडीएस द्वार ‘सीएनएन-आईबीएन’ और ‘द वीक’ के लिए किए गए चुनाव के बाद के सर्वे के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने चुनावों के दौरान मोदी और बीजेपी को समर्थन में कमी आई है।
साल 2007 में आरएसएस और वीएचपी के 71 फीसदी समर्थकों ने मोदी और बीजेपी को समर्थन दिया था जबकि इस साल 61 फीसदी सदस्य ही मोदी का समर्थन कर रहे हैं। ज्यादातर वोटरों ने अन्य विकल्प चुने हैं जिनमें केशुभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी और अन्य पार्टियां भी शामिल हैं।

