इंदौर [ NI 24 ] महात्मा गांधी की 143 वीं जयंती के मौके पर आज यहां केंद्रीय जेल में अनोखे अभियान की शुरूआत हुई। देश में अपनी तरह की संभवत: पहली मुहिम के तहत सलाखों के पीछे रहने वाले 2,700 बंदियों को आम नागरिकों के रूप में विशिष्ट पहचान संख्या देते हुए उनके ‘आधार’ कार्ड बनाये जायेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि यह पायलट मुहिम बैंक ऑफ इंडिया की सामाजिक समावेशन योजना के तहत शुरू की गयी। बैंक के आंचलिक प्रबंधक एमएल गोयल और जेल के अधीक्षक गोपाल ताम्रकर की मौजूदगी में इस मुहिम का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल में ‘आधार’ कार्ड बनाने की मुहिम पखवाड़े भर तक चलेगी। इस दौरान जेल में बंद करीब 2,700 कैदियों के विशिष्ट पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी की जायेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस अनोखे प्रयोग को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश के अन्य जेलों में बंद कैदियों के ‘आधार’ कार्ड बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आधार’ परियोजना के तहत देश के सभी नागरिकों को विशिष्ट पहचान पत्र प्रदान किये जाने हैं।

