लखनऊ [ इंटरनेट डेस्क ] आईबी ने केंद्र को आगाह किया है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा विस्फोटक रूप ले सकती है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में जब से समाजवादी पार्टी ने सत्ता संभाली है, तब से यूपी के कई हिस्सों से सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आए हैं। अब तक इस तरह की 7 घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में इंटेलिजेंस ब्यूरो ने चिंता जाहिर की है, कि आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। ताजा घटना गाजियाबाद की है, जहां पर पिछले हफ्ते हुए बवाल में 6 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि 28 लोग घायल हो गए। कुरान के कथित अपमान की खबर फैलने से गुस्साई भीड़ ने पुलिस स्टेशन को जला दिया, जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी थीं।
कई मौकों पर यह भी देखा गया कि दो समुदायों के बीच फूट डालने के लिए लोकल इश्यूज को साजिश के तहत बेवजह हवा दी गई। सूत्रों का कहना है कि आईबी ने इन घटनाओं के पीछे राजनीतिक साजिश होने की संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया है ! पिछले 6 महीनों में कई मौकों पर छोटे-मोटे झगड़ों ने देखते ही देखते सांप्रदायिक हिंसा का रंग ले लिया। बरेली और प्रतापगढ़ में ऐसा 2 बार हुआ, जबकि मथुरा में भी एक बार हालात बेकाबू होते नजर आए। 17 अगस्त को लखनऊ और इलाहाबाद में भी असम और म्यांमार में मुस्लिमों पर कथित अत्याचार के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इन सभी घटनाओं की जांच करते हुए पुलिस ने पाया है कि ये घटनाएं प्री-प्लान्ड थीं। । जहां इन घटनाओं के लिए एसपी सरकार की नाकामी को जिम्मेदार माना जा रहा है, वहीं राज्य की बाकी राजनीतिक पार्टियां भी सांप्रदायिकता को बढ़ाने में जुटी हुई हैं। माना जा रहा है कि यह सब 2014 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए वोटों के ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है।

