इंदौर [ NI 24 ] शहर में जीरो टोलरेंस के दौरान यातायात विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई में अब शहर का आम नागरिक भी परेशान होने लगा है, पुलिसिया दादागिरी लोगो पर लगातार बढ़ती जा रही है, नियम तोड़ने पर चालान बनाने वाली पुलिस बिना नियम जाने भी चालान बनाने लगी है जिसके चलते विवाद की स्थितिया निर्मित होने लगी है !
रविवार शाम कार से काली फिल्म उतारने को लेकर डी.एस.पी. ट्रेफिक और एक कार चालक की बहस हो गयी थी, जहा एक और पुलिस के जवान कार पर लगी काली फिल्म को लेकर कार का चालान बनाना चाह रहे थे वही कार चालक काली फिल्म नियमो के मुताबिक़ होने की बात कहते हुए कार्रवाई के खिलाफ अड़ गया लेकिन आखिर में जवानो ने कार से फिल्म भी उतारी और चालान भी बनाया !
इससे नाराज कार चालक प्रफुल सकलेचा ने आज एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया जिसमे पुलिस द्वारा की जा रही इस चलानी दादागिरी के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है, वार्ता में सकलेचा ने बताया की काली फिल्म को लगाने को लेकर हाई कोर्ट ने एक निश्चित सीमा तक पारदर्शिता को लेकर निर्देश दिए हुए है, जिसे मानना जरूरी है, लेकिन इंदौर यातायात विभाग उस आदेश को नहीं मान रहा है… कार पर लगी काली फिल्म की पारदर्शिता एक मशीन द्वारा जाँची जाती है इंदौर आई.जी. द्वारा भी यातायात विभाग को मशीन द्वारा जांच करने के निर्देश दिए हुए है, लेकिन विभाग के पास जांचने वाली मशीन न होने के कारण आम शहरियों को परेशान होना पड़ रहा है, जिनकी गलती नहीं है उन्हें भी चालान भरना पड़ रहा है !

