शिवपुरी (अजय दण्डौतिया)। यदि हमारा पर्यावरण स्वच्छ है तो सभी कुछ ठीक है। हमें अपने भौतिक पर्यावरण के संरक्षण और उसके संवर्धन के साथ-साथ सामाजिक पर्यावरण का भी संरक्षण अपने नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ करना होगा।
आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में म.प्र. जन अभियान परिषद शिवपुरी की पर्यावरण संरक्षण संगोष्ठी में शिवपुरी के विधायक माखन लाल राठौर ने उपरोक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने नैतिक मूल्यों को जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पर्यावरण को शुद्ध एवं स्वच्छ बनाये रखने के साथ-साथ हमें अपने जीवन मूल्यों की रक्षा भी करनी होगी।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रमोद भार्गव ने कहा कि हमारे ग्रामीणजन पर्यावरण से सीधे जुड़े है। पर्यावरण को सबसे अधिक नुकसान बड़े-बड़े उधोगों और आणविक संयंत्रों के द्वारा पहुंच रहा है। बड़े स्तर पर किया जाने वाला उत्खनन पर्यावरण को बिगाडऩे के लिए जिम्मेदार है। श्री भार्गव ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक परंपरा में पर्यावरण के संरक्षण के लिए आवश्यक तत्व विधवान है। अंग्रेजी शिक्षा पद्धति ने हमें हमारे जीवन मूल्यों से अलग-थलग कर दिए है।
इस अवसर पर जन अभियान परिषद के प्रदेश सलाहकार राघवेन्द्र गौतम ने बताया कि आज म.प्र. के सभी 313 विकासखण्डों में पर्यावरण को लेकर संगोषिठ का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न ग्राम प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से शिक्षा स्वास्थ्य, नशाबंदी, जनसंरक्षण, ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ्यता को लेकर कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि हम गांव का ऐसा विकास करें कि ग्रामीणों का शहर की तरफ पलायन रोक सके और हम ग्रामों के पर्यावरण को शुद्ध रखते हुए सर्व सुविधा युक्त बना सकें।
इस अवसर पर अरूण अपेक्षित ने भी भौतिक पर्यावरण भूमि प्रदूषण वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण अधिक घातक, सांस्कृतिक प्रदूषण को बताया और कहा कि आज समाज में व्याप्त सभी विद्रूपताओं के मूल में हमारा नैतिक और चारित्रिक पतन ही जिम्मेदार है। कार्यक्रम के प्रारंभ में म.प्र. जन अभियान परिषद के जिला संयोजक धर्मेन्द्र सिंह सिसौदिया ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार रखें। इसके साथ ही प्रारंभ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पहार अर्पित कर दीप प्रज्जवलित किया गया।
संगोषिठ में म.प्र. जन अभियान परिषद शिवपुरी की विभिन्न प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण को दूर करने के लिए अपने विचार व्यक्त किए।

