इंदौर में हो रहीं लगातार चोरियों की बारदातों का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। शहर की पोश कॉलोनियों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों में से पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर लिया है वहीं एक आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पकड़े गए आरोपियों से और भी चोरियों की बारदातों का खुलासा होने की संभावना के चलते पुलिस इनसे पुछताछ कर रही है।
पिछले एक वर्ष से लगातार लसूड़िया थाना क्षेत्र में चोरियों की बारदात को अंजाम देने वाले इन आरोपियों ने 12 चोरियों को अंजाम देने की बात कबूल की है। इनके पास से लेपटॉप, मोबाइल, सोने-चांदी के आभूषण, भगवान की मूर्तियां, हाथ घड़ियां और घरेलू सामान समेत पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये की कीमत का चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया है। तीनों आरोपी मूलतः सागर जिले के रहने वाले हैं और इंदौर में रुचि सोया कंपनी में सिक्युरिटी गार्ड के रुप में काम करते थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह पहले इन कॉलोनियों में जाकर सूने पड़े मकान और ताला लगे मकानों को चिनहित करके बाद में चोरी की घटना को अंजाम देते थ।
पुलिस ने बताया कि चोरी की इन बारदातों को अंजाम देने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक विजयनगर के निर्देशन में पुलिस अधिकारियों की टीमें गठित की थीं। जो इन आरोपियों पर काफी दिन से नजर रखे हुई थी। इंदौर पुलिस की एक टीम अभी भी सागर में इन आरोपियों का रिकार्ड पता करने में जुटी हुई है और तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
पकड़े गए आरोपी संतोष और धर्मेंद्र दोनों चोरी का सामान बेंचने के लिए सागर भाग गए थे और चोरी का सामान बेंचने के लिए सागर जाने के लिए बिलहरा गांव के बस प्रतीक्षालय पर खड़े हुए थे। जहां से पुलिस ने घेराबंदी कर इन आरोपियों का धरदबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लेपटॉप और एक मोबाइल मौके पर ही जब्त कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को इंदौर लाकर पूछताछ की तो आरोपियों ने पिछले एक वर्ष से क्षेत्र में चोरियां करना स्वीकार किया।

