इंदौर [ NI 24 ] म.प्र. शासन द्वारा बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाये देने के वादे की एक बार फिर पोल खुल गयी है,इंदौर में डॉ. की लापरवाही के चलते 5 माह की एक बच्ची की मौत हो गयी है, बच्ची की मौत से भड़के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया !
मामला है इंदौर के नंदा नगर स्थित तीन मंजिला अस्पताल का, 5 महीने की साक्षी यादव को निमोनिया की बिमारी के चलते 25 सितम्बर को नंदा नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया था… भर्ती होने के बाद से मंगलवार तक साक्षी को 4 यूनिट खून भी चढ़ाया गया, कल रात बच्ची की तबियत ख़राब होने लगी, इस स्थिति में बच्ची के परिजनों ने बच्ची की कंसल्टेंट डॉ. अंजली भंडारी को फोन लगाया, लेकिन अपनी ड्यूटी ख़त्म होने की बात कह कर डॉ. भंडारी ने आने से माना कर दिया और किसी अन्य डॉ. को भेजने की बात कही, लेकिन कोई भी उस समय साक्षी को देखने नहीं पहुंचा और उसकी तबियत बिगती देख परिजनों ने बच्ची को किसी दुसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग की लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची को रेफर भी नहीं किया और आज उसकी मौत हो गयी !
बच्ची की मौत का विशवास उसकी दादी को नहीं हुआ और बहुत देर तक वह बच्ची को ही सहलाती रही ! जिम्मेदार डाक्टर अपनी गलती मानने को ही तैयार नहीं हुए, बच्ची को भर्ती करते समय ही उसकी हालत गंभीर होने का हवाला दिया गया, और आखिर में बीमारी के चलते ही उसकी मौत की बात कही गयी !

