जयपुर [ NI 24 ] शिवदासपुरा में गृहक्लेश से तंग एक शेयर कारोबारी ने गुरुवार शाम पत्नी व बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में फंदा लगाकर उसने खुद भी जान दे दी। मामला शिवदासपुरा इलाके में गोनेर रोड स्थित 52 दुकानों के पीछे का है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से 29 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने समीर अरोड़ा, उसकी पत्नी शालू (35) व बेटे अंकुश (6) का शव महात्मा गांधी अस्पताल में रखवाया है। उनका शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा।
एसीपी शिल्पा चौधरी ने बताया कि समीर शेयर कारोबारी था। उसके पड़ोस में ही माता पिता, बहन व दो भाईयों का परिवार रहता है। भाई बहनों में वह सबसे बड़ा था। समीर का आठ वर्षीय बड़ा बेटा भी दादा-दादी के साथ रहता है। समीर के बहन के ससुर की मौत होने पर उनके परिजन शोक मनाने कालवाड़ गए थे। दोपहर को 3 बजकर 46 मिनट पर समीर ने परिजनों को फोन कर बड़े बेटे से बात की।
उसे दादा दादी का ध्यान रखने की नसीहत देकर फोन काट दिया। शाम करीब 5 बजे परिजन घर लौटे। तब समीर के मकान का दरवाजा अंदर से बंद मिला। इस पर कमरे का शीशा फोड़कर देखा, तो भीतर समीर फंदे पर लटक रहा था। उसकी पत्नी शालू का शव पलंग पर व बेटे अंकुश का शव फर्श पर पड़ा था। यह देखकर परिजन चीख पड़े। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। शाम करीब पौने 6 बजे डीसीपी डॉन.के. जोस, एसीपी शिल्पा चौधरी व शिवदासपुरा थानाप्रभारी नवाब खां मौके पर पहुंचे।
कमरे में मिले 29 पन्नों के सुसाइड नोट में समीर ने शादी के बाद से अभी तक हर अहम पहलू का जिक्र किया है। इसमें पत्नी से अनबन व दहेज प्रताड़ना के मुकदमे में फंसाने का भी जिक्र किया। एसीपी चौधरी ने बताया कि शादी के बाद से ही समीर व उसकी पत्नी में झगड़ा होने लगा था। शालू ने समीर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था, जिसमें वह गिरफ्तार हो चुका है। इस दौरान पांच वर्ष शालू पीहर रही। करीब डेढ़ वर्ष पहले दोनों परिवारों के बुजुर्गो ने दोनों मासूम बेटों की दुहाई देकर समझौता करवा दिया। तब से दंपती साथ रहने लगे। लेकिन, उनका मनमुटाव शांत नहीं हुआ। इससे अवसाद में आकर समीर ने गुरुवार दोपहर को अकेला होने पर पत्नी व बेटे की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर खुदकुशी कर ली।

