मुंबई [तेज़ न्यूज़ डेस्क] म्यामांर और असम में हुई हिंसा के खिलाफ आज मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कुछ लोग बेकाबू हो गए और उन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की।
भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने कुछ वाहनों में आग लगा दी, जिनमें मीडिया के ओबी वैन भी शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने हवाई फायरिंग की और लाठीचार्ज कर भीड़ पर नियंत्रण पाया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा रोधी बल को भेजा गया और थोड़ी देर बाद हालात पर काबू पा लिया गया।
इसी बीच मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेंद्र भाटी ने कहा है कि, ‘कुछ शरारती तत्वों ने हिंसा शुरु की। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। मैं मीडिया के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा, ‘अभी मुंबई के हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। मैं लोगों से अपील करूंगा कि शांति बनाए रखे। हिंसा की निंदा करने के लिए लोग इकट्ठा हुए थे हिंसा करने के लिए नहीं। पुलिस और हमारा प्राथमिक कर्तव्य हालात को नियंत्रण में करना है। असम की हिंसा को लेकर बैठक बुलाई थी लेकिन वो खुद हिंसक हो गए। इस पूरे मामले की जांच हम जरूर करेंगे। लोग अफवाहों पर विश्वास न करें। मुंबई इस वक्त पूरी तरह सामान्य है।’
असम और बर्मा में मुसलमानों पर हो रहे जुल्म के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था। कुछ नौजवान आजाद मैदान में घुंसने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें पुलिस ने रोका जिसके बाद माहौल हिंसक हो गया। बर्मा और कोकराझार में हुए कत्लेआम की तस्वीरें इंटरनेट पर आने के बाद लोगों में गुस्सा था। लोगों में मीडिया के प्रति भी गुस्सा था जो गलत रूप में भड़का। जो हुआ वो गलत हुआ। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने कहा, ‘कई तरह की अफवाहों भी उठ रही हैं। सबसे पहली जरूरत अफवाहों पर काबू करने और शांति बरतने की है। सभी धर्मों के लोगों को शांति बरतनी चाहिए।

