मुंबई टेस्ट मैच में भारत को 10 विकेट से पराजय झेलनी पड़ी है। टेस्ट मैच के चौथे दिन पूरी भारतीय टीम 142 रन पर सिमट गई, जिससे इंग्लैंड को जीत के लिए 57 रन का आसान लक्ष्य मिला था। इंग्लैंड टीम ने बिना कोई विकेट खोए इस आसान लक्ष्य को हासिल कर लिया। कुक 18 और कॉम्पटन 30 रन बनाकर नॉट आउट रहे। यह इंग्लैंड की पिछले साल में भारतीय धरती पर पहली टेस्ट जीत है।
मुंबई टेस्ट में जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है। अपने स्पिन बोलरों और स्पिन को खेलने की में माहिर माने जाने वाले बल्लेबाजों के गुमान में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वानखेड़े में टर्निंग पिच बनवाई थी लेकिन इंग्लैंड ने टीम इंडिया के अभिमान को चूर-चूर कर दिया। दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज टर्निंग ट्रैक पर बुरी तरह से लडख़ड़ा गए और पूरी टीम सिर्फ 142 रन ही जोड़ सकी, जिसमें गौतम गंभीर ने अकेले ही 65 रन बनाए। इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक पहले ऐसे बैट्समैन बन गए हैं जिन्होंने पहले चार टेस्ट मैचों में कप्तानी करते हुए हर मैच में सेंचुरी मारी है। मार्च 2010 में बांग्लादेश के खिलाफ 173 और 39 चटगांव में, 21 और नॉटआउट 109 रन, ढाका में फिर भारत के खिलाफ नवंबर 2012 में मोटेरा में 41 और 176 रन और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 122 रन बनाए।
भारत ने अहमदाबाद टेस्ट मैच में नौ विकेट से जीत हासिल की थी। इंग्लिश टीम के स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। पीटरसन ने पहली पारी में 186 रन बनाए थे। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में बिना कोई विकेट खोए जीत के लिए 57 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर मैच को चौथे दिन ही खत्म कर दिया। उसके सलामी बल्लेबाज कप्तान एलिस्टर कुक ने 18 रन और निक कॉम्पटन ने 30 रन बनाए। कॉम्पटन ने 28 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाया। इससे पहले, भारतीय टीम की दूसरी पारी 56 रनों की बढ़त के साथ 142 रनों पर सिमट गई थी।
तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर नाबाद रही गौतम गंभीर और हरभजन सिंह की जोड़ी भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने के अपने इरादे में कामयाब नहीं हो सकी। हरभजन सिंह को स्पिन गेंदबाज ग्रीम स्वान ने 21 रनों के निजी योग पर पेविलियन का रास्ता दिखा दिया। उनके बाद नौंवे विकेट के रूप में बल्लेबाजी करने आए जहीर खान एक रन ही बना सके। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के स्वान की गेंद पर पगबाधा होते ही भारतीय पारी का अंत हो गया। इंग्लैंड की तरफ से मोंटी पनेसर ने छह और स्वान ने चार विकेट झटके। पनेसर ने इस मैच में कुल 11 विकेट अपने नाम किए।
उल्लेखनीय है कि भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करते हुए अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 413 रन बनाकर 86 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। भारत की ओर से चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में शतक जड़ा था। उन्होंने 135 रनों की पारी खेली थी। वहीं इंग्लैंड की तरफ से दो शतक लगे थे। कुक ने 122 और केविन पीटरसन ने 186 रनों की अनमोल पारी खेली थी।

