कोलकाता ममता बनर्जी और कांग्रेस में सुलह की संभावना खत्म होने के बाद केंद्र में तृणमूल कांग्रेस के छह मंत्री आज तीन बजे प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंप देंगे। इसके साथ ही ममता आज ही राष्ट्रपति को केंद्र सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंपने की तैयारी में हैं। जाहिर है ममता के 19 सांसदों के समर्थन के बिना सरकार अल्पमत में आ जाएगी, लेकिन कांग्रेस के नेता दावा कर रहे हैं कि सरकार को कोई खतरा नहीं है।
तृणमूल से ‘तलाक’ के बाद बहुमत का आंकड़ा पूरा करने के लिए कुछ नए सहयोगी तलाशने के संकेत कांग्रेस ने दे दिए हैं। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से लेकर संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला तक ने सरकार पर कोई खतरा न होने की हुंकार भरते हुए दावा किया कि उनके पास बहुमत के लिए नए दोस्त हैं। चिदंबरम ने कहा, ‘हमारे पास कल भी पर्याप्त सहयोगी थे, हमारे पास आज भी पर्याप्त सहयोगी है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि हमारी स्थिरता पर संदेह होना चाहिए। इस बीच, ममता की समर्थन वापसी के चलते शुक्रवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक स्थगित कर दी गई है।
अब मंत्रिमंडल की अगली बैठक मंगलवार को होगी। सरकार मान रही है कि बीजेपी अगले सेशन में यदि अविश्वास प्रस्ताव लाती है तो लेफ्ट पार्टियां, टीआरएस और बीजेडी वॉकआउट करेंगी क्योंकि इनमें से कोई जल्दी चुनाव नहीं चाहता। सरकार के रणनीतिकारों का आकलन है कि समाजवादी पार्टी और बीएसपी भी यदि साथ नहीं देते तो मतदान का बहिष्कार करेंगे।
उधर, गुरुवार को ममता ने कोलकाता में साफ कर दिया कि शुक्रवार को उनकी पार्टी के सभी मंत्री प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंप देंगे। राष्ट्रपति से भी मुलाकात का समय मांगा गया है, जैसे ही समय मिलता है, पार्टी नेता उनसे मिलकर 19 लोकसभा सदस्यों के समर्थन वापसी का पत्र उन्हें देंगे। ममता ने कहा, एफडीआई के मुद्दे पर हम कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं और न ही वह अपनी मांगों पर कांग्रेस नेताओं से बातचीत के लिए नई दिल्ली जाएंगी।

