नई दिल्ली [ इंटरनेट डेस्क ] गैंग रेप की पीड़ित युवती की हालत बिगड़ने के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे सिंगापुर ले जाया गया है। पीड़ित युवती को वहां मल्टि ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए मशहूर पार्कवे हेल्थ हॉस्पिटल ग्रुप के माउंट ऐलिजाबेथ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इस हॉस्पिटल की ओर से पीड़ित युवती की हालत को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि उनकी हालत बेहद नाजुक है और डॉक्टरों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संभावना है कि गुरुवार को ही युवती की आंत को ट्रांसप्लांट किया जाए। इन्फेक्शन की वजह से युवती की आंत पूरी तरह निकाली जा चुकी है। यह ऑपरेशन करीब 16 घंटे तक चलेगा और सफल रहने पर पूरी तरह ठीक होने में कई हफ्तों का वक्त लग सकता है।
बुधवार देर रात 11 बजे युवती को गुडग़ांव के मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल के लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस ऐंबुलेंस में सफदरजंग हॉस्पिटल से शिफ्ट किया गया। इसके बाद पीड़ित लड़की को आईजीआई एयरपोर्ट ले जाया गया। एटीसी के मुताबिक, रात 11:47 बजे एयर ऐंबुलेंस से पीड़ित को सिंगापुर ले जाया गया। युवती के साथ माता-पिता के अलावा सफदरजंग हॉस्पिटल में उसका इलाज कर रहे 5 डॉक्टरों की टीम भी है। सिंगापुर में युवती के इलाज का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। केंद्र सरकार ने सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग को भी इलाज में हरसंभव मदद करने का आदेश दिया है।
सरकार के सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 12 बजे पीड़ित को गंभीर दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद से वह बेहोश थी। इस दौरान उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम के सहारे रखा गया। बुधवार को दिन भर मरीज के बारे में आधिकारिक बयान नहीं दिया गया। रोजना साढ़े चार बजे का मेडिकल बुलेटिन भी जारी नहीं किया गया। इस वजह से दिनभर तमाम तरह की अफवाहों का दौर जारी रहा। इस बीच गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने लंदन और सिंगापुर के कई बड़े हॉस्पिटलों के बारे में पता गया, जहां लड़की का बेहतर इलाज हो सकता था। दिनभर की चर्चाओं के बाद पीड़ित को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाने का फैसला किया गया।
गृह मंत्रालय ने भी इस मामले में काफी चुस्ती दिखाई, ताकि लड़की के परिवार और साथ जा रहे डॉक्टरों को तुरंत वीजा मिल सके। पीड़ित युवती और उसके माता-पिता का पहले से पासपोर्ट और वीजा नहीं था। एक ही दिन में पासपोर्ट वीजा तैयार किया गया। लड़की को अस्पताल से शिफ्ट करने के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया था। रात करीब 10.35 पर एक साथ तीन ऐंबुलेंस हॉस्पिटल से निकाली गईं। इनमें डॉक्टरों और परिवार के अलावा लड़की का वह दोस्त भी शामिल था, जो वारदात वाली रात उसके साथ था। पुलिस की कई गाड़ियां भी ऐंबुलेंस के आगे-पीछे चल रही थीं।

