.इंदौर [ NI 24 ] म.प्र. क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी पैनल ने अपनी सीनियरिटी को बरकरार रखते हुए एकतरफा जीत हासिल की ! कैलाश विजयवर्गीय पैनल का एक भी उम्मीदवार नहीं जीत सका। विजयवर्गीय को सिंधिया ने 77 वोटों से हराया । सिंधिया को 150 जबकि विजयवर्गीय को 73 मत ही मिले। यही स्थिति उनके साथियों की भी रही। होलकर स्टेडियम के बाहर भारी पुलिस तैनात था !
सुबह से ही दोनों पैनलों के समर्थक यहाँ मौजूद थे ! दोपहर में समर्थकों के आमने सामने आ जाने से स्थिति बेकाबू होते देख भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पडा ! मतों की गिनती के बाद जब सिंधिया पेनल की कार्यकारिणी पेनल जीत गई तो सिंधिया समर्थकों ने कैलाश विजयवर्गीय का पुतला जलाया जिससे बोखलाए विजयवर्गीय समर्थकों ने विरोध जताते हुए वहां लगे पोस्टर बेनर फाड़ डाले इस बीच दोनों दलों के समर्थकों में झड़प हो गई जिसे शांत करने के लिए पुलिस ने रात को दोबारा लाठीचार्ज करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया !
रविवार को हाईकोर्ट की विशेष बैंच से राहत मिलने के बाद सिंधिया पैनल का पलड़ा भारी माना जा रहा था। कोर्ट में 20 बर्खास्त सदस्यों के मामले की सुनवाई तो सुबह 11 बजे से ही शुरू हो गई थी, लेकिन आदेश शाम होने तक आया। कोर्ट ने इन सभी को वोटिंग का अधिकार तो दे दिया लेकिन शर्त भी लगा दी कि अगर जीत का अंतर 20 वोट से कम का रहेगा तो परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। हालांकि इसकी नौबत नहीं आई क्योंकि सभी पदों में हार-जीत का अंतर 50 वोटों से भी ज्यादा का रहा। इसी बीच चल रही वोटिंग में कुल 257 मतदाता में से 232 ने वोट डाले। अंदर मतदाताओं को लेकर गहमा-गहमी चल रही थी तो बाहर दोनों पैनलों के समर्थक आमने-सामने हो रहे थे। पुलिस ने भी जमकर लाठियां भांजी। विजयवर्गीय समर्थकों को पुलिस से बदसलूकी करने का खामियाजा भी भुगतना पड़ा।
एमपीसीए में जीत के जश्न के पूर्व ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि मैं एमपीसीए के सभी सदस्यों को धन्यवाद देना चाहूँगा जिन्होंने अपना समय देकर अपने मतों का उपयोग किया ! साथ ही माननीय न्यायालय के निर्णय को भी उचित ठहराया और सदस्यों को मतों का उपयोग करने का निर्णय दिया ! मीडिया को भी धन्यवाद देना चाहूंगा कि इतने लम्बे समय से आपने इन्तजार किया ! ये खेल है, ये छोटा परिवार है। यहां नकारात्मक सोच वालों के लिए जगह नहीं है।

