इंदौर [ NI 24 ] जहाँ पूरा देश भ्रष्टाचार और कालाबाजारी से जूझ रहा है वहीं अब बैकें भी चिल्लर वितरण को लेकर कालाबाजारी पर उतर आईं हैं। शहर में चिल्लर की कमी से जूझ रहे व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए आर बी आई ने 50 लाख रुपये की चिल्लर इंदौर भेजी है। इस चिल्लर को बांटने की जिम्मेदारी शहर की सभी बैकों की शाखाओं को दी गई है। लेकिन लोगों का आरोप है कि बैंके उनके साथ भेदभाव कर रही है और बैंक कर्मचारियों की पहचान के स्थानीय व्यापारियों को 10 प्रतिशत की दर से चिल्लर दे रही है। जिसे लेकर लोगों ने आज इंदौर की भारतीय स्टेट बैंक की जी पी ओ शाखा पर हंगामा किया।
भारतीय स्टेट बैंक की जी पी ओ शाखा के एक अधिकारी के मुताबिक इंदौर मे करीब 50 लाख की चिल्लर आर वी आई ने भेजी है। जिसमें से 5 लाख की चिल्लर भारतीय स्टेट बैंक की जी पी ओ शाखा मे भेजी गई थी। जो शहर के व्यापारियों में बांटी जा चुकी है। जो बैंक ने 1. 2, 5 और 10 रुपये के 100 सिक्कों के पैकेट बनाकर वितरित की है। वहीं बाहर से आए व्यापारियों का कहना है कि बैंक ने चिल्लर 10 प्रतिशत की दर यानि 100 रुपये की चिल्लर 110 रुपये में केवल उन स्थानीय व्यापारियों को दी है जिनसे बैंक में काम कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों की साठगांठ है।
व्यापारियों का कहना है कि वह समाचार पत्रों में छपी खबर को देखकर शाखा में चिल्लर लेने आए थे लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उनके साथ भेदभाव कर उन्हें चिल्लर नहीं दी।

