इंदौर [ NI 24 ] डाक्टरों की लापरवाही का खामियाजा एक प्रसूता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा | इस घटना के बाद प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जननी सुरक्षा योजनओ पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गये है | डाक्टरों की लापरवाही का शिकार इस बार एक प्रसूता रही |
मामला खरगोन जिले का है | यहाँ रहने वाली रुखसाना मंसूरी को परिजन प्रसूति के लिए बुधवार सुबह खरगोन जिला अस्पताल लेकर गये थे | अस्पताल में जब रुखसाना का चेकअप किया गया तो पता चला की उसके बच्चे की मौत पेट में ही हो गई है | अस्पताल में एक भी महिला डाक्टर नही थी | इस कारण रुखसाना का आपरेशन पुरुष डाक्टर करने वाले थे | पुरुष डाक्टर से रुखसाना ने आपरेशन करवाने से मनाकर दिया | महिला डाक्टर नहीं होने के कारण के डाक्टरों ने रुखसाना को खरगोन से इंदौर रेफर कर दिया | परिजन रुखसाना को जब तक इंदौर लेकर आये | लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और रुखसाना ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया |
रुखसाना की मौत के बाद प्रदेश सरकार की उन तमाम योजनओ पर सवाल खड़े होते है जो प्रसुताओ के लिए चलाई जा रही है | वही जिला अस्पताल खरगोन के डाक्टर भी कटघरे में है क्योकि जब रुखसाना के बच्चे की मौत वही हो चुकी थी तो उन्होंने वही उसका आपरेशन क्यों नहीं किया | परिजनों का कहना है की डाक्टरों ने उन्हें नहीं बताया था की आपरेशन करना जरुरी है नहीं तो रुखसाना की मौत भी हो सकती है | अगर डाक्टर परिजनों को पहले ही बता देते तो हो सकता हे की रुखसाना बच जाती |

