शिवपुरी ( अजय दण्डौतिया )। शिवपुरी जिले की 11 मण्डियों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के पद पर प्रत्याशियों की ताजपोशी और सेहराबंदी सात जनवरी को हो जाएगी। सात तारीख को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का निर्वाचन होना है। अधिक से अधिक मण्डियों में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की सेहराबंदी को लेकर दोनों प्रमुख दलों में जोरों से राजनैतिक रस्सकसी हो रही है। कई जगह से पुख्ता खबर है कि अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के लिए वोट डालने वाले डायरेक्टरों को भूमिगत किया जा चुका है। अंडरग्राउण्ड किए जाने का निर्णय इस रणनीति के तहत किया गया है कि जब डायरेक्टर उपलब्ध ही नहीं होगा तो मान मनोबल और दबाव के साथ आर्थिक उपाय किए जाने की कोई गुंजाइश कतई नहीं रहेगी।
डायरेक्टरों की खरीद फरोख्त किए जाने और उन्हें उनके मत के बदले मुंहमांगी मुराद पूरी किए जाने की भी चर्चाएं राजनैतिक गलियारों में तूफान मचा रही हैं। कई मण्डी क्षेत्रों से खबर है कि कांग्रेस और भाजपा को दरकिनार कर कई डायरेक्टरों ने दलगत नीति से ऊपर उठकर या सही शब्दों में नीचे गिरकर आपसी समझौते कर लिए हैं। यह समझौते नतीजे के लिहाज से आने वाले कल में सनसनीखेज साबित होंगे। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की गर्माई राजनीति में कई जगह बबाल मचने की भी पूरी संभावना है।
उपरोक्त राजनैतिक चर्चाओं से इतर शिवपुरी कृषि उपज मण्डी अध्यक्ष पद पर भाजपाई चेहरे शंकर आदिवासी की ताजपोशी तय है और इस पद के लिए उनके नाम पर मुहर लगना बांकी है। मण्डी अध्यक्ष शंकर आदिवासी के राजनैतिक आका कपिल जैन पत्ते वालों ने उनकी पुख्ता ताजपोशी से उत्साहित होकर उनका विजयी जुलूस भी अध्यक्षीय गरिमा और तेवरों के साथ पूर्व में ही निकाल डाला है। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों पर अपने-अपने समर्थकों को काबिज कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के आला नेता भी पुरजोर कोशिशें कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत का दावा है कि जिले की 11 मण्डियों में से 8-9 मण्डियों पर भाजपाई चेहरे ही अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद को सुशोभित करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष के उपरोक्त दावे में कांग्रेस की सूपडा साफ स्थिति यदि नहीं कही जा सकती है तो इतना तो कहा जा सकता है कि बहुत हद तक मण्डी निर्वाचन में कांग्रेस का मटियामेट हो जाना तय है।
भाजपा से इतर कांग्रेस की स्थिति यह है कि शिवपुरी कृषि उपज मण्डी में ही पार्टी से अपनी पहचान बनाने वाले तकरीबन 6 डायरेक्टर चुने गए हैं इस बडे आंकडे के बावजूद शिवपुरी कृषि उपज मण्डी में उपाध्यक्ष पद का रास्ता किसी कांग्रेसी के लिए कतई आसान नजर नहीं आ रहा है। 6 डायरेक्टरों में से 3-4 डायरेक्टर उपाध्यक्ष पद की लालसा पाले हुए हैं। इनका किसी एक नाम पर एका हो पाना बड़ी टेडी खीर है।
बहरहाल शिवपुरी कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष पद की दौड से डायरेक्टर चुनाव में ही पूरी तरह बाहर खड़ी कांग्रेस उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में होकर भी चारों खाने चित्त होने की स्थिति में नजर आ रही है। उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेसी चेहरे की ताजपोशी के लिए पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी के निवास पर कांग्रेसियों की एक बैठक भी आयोजित की गई जिसमें यह तय किया गया कि कांग्रेसी पृष्ठ भूमि के 6 डायरेक्टर होने से उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के जीतने की प्रबल संभावना को परिणाम मूलक स्तर तक कैसे पहुंचाया जा सकता है?
परिणामों के लिए नेताओं में सहमति बनने के बाद चिन्हित विभीषणों ने रणनीति को सार्वजनिक करके खेल खेले जाने से पहले ही बहुत हद तक खत्म कर दिया। खबर है कि इस बैठक में यह तय किया गया कि उपाध्यक्ष पद पर जीत सुनिश्चित करने के लिए यदि धनबल का उपयोग भी करना पड़ा तो करने से पीछे नहीं हटा जाएगा! इस बैठक में उपाध्यक्ष पद के दावेदार समझे जाने वाले सिरनाम रावत ने अनुपस्थित होकर पार्टी नेताओं को जो संदेश दिया है फिलहाल वह पार्टी नेताओं की समझ से भी बाहर है। राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेसी बैठकबाजी करके ही रह जाएंगे। अंततरू उपाध्यक्षी का सेहरा भी भाजपा के ही किसी चेहरे की रौनक बढ़ाएगा। कांग्रेसियों की बैठक में पांच डायरेक्टरों के साथ सांसद प्रतिनिधि अनिल शर्मा अन्नी भी उपस्थित थे।
उधर भाजपा से जुडे सूत्रों का कहना है कि शिवपुरी कृषि उपज मण्डी उपाध्यक्ष पद पर नीरज खटीक की दावेदारी परिणामों के लिहाज से दमदार साबित हो सकती है। शिवपुरी जिले की 11 मण्डियों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद की गर्माई राजनीति में रोज नए समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। धनबल ही जीत की दमदारी का पर्याय है। ऐसी चर्चाएं भी राजनैतिक गलियारों में सरगर्म हैं। 11 मण्डियों में 8-9 पर भाजपाई ताजपोशी की जिलाध्यक्षी बयानी मौजूदा दौर में पुख्ता जान पड रही है। कांग्रेस के नेता भी पुरजोर दम लगा रहे हैं। नतीजे 7 तारीख को साफ हो जाएंगे।

