इंदौर [ NI 24 ] गुना जिले के ग्राम बिरौली में रहने वाले गमीर और शांतिदेवी मजदूरी कर अपना गुजर बसर करते है ! शान्ति देवी को दो माह पहले आपरेशन से ग्वालियर के जिला अस्पताल में दो बच्चे हुए ये बच्चे कमर और और रीढ़ की हड्डी में से निकलने वाली नस [ स्पाइनल कार्ड ] कोनस तक जुड़े हुए थे ! लेकिन बच्चों की स्थिति देखते हुए डाक्टरों ने एम्स के लिए रेफर किया लेकिन बच्चों के माता पिता ने इनकार कर दिया ! इसके बाद इन्हें इंदौर के अरविंदो अस्पताल रेफर किया गया !
अरविंदो हास्पिटल में स्पाइनल कार्ड [ रीढ़ की हड्डी ] से निकलने वाली नस से जुड़े डेढ़ माह के दो बच्चे राम लखन को 20 डाक्टरों की टीम ने सफल आपरेशन करते हुए अलग अलग करने में सफलता पाई ! सुबह नौ बजे शुरू हुआ यह आपरेशन करीब 5 घंटे चला ! डाक्टरों के मुताबिक़ इस तरह का यह आपरेशन देश में पहला आपरेशन है ! इस जटिल आपरेशन के वक्त बच्चों को एनेथेसिया देना और नसों को अलग अलग करना काफी जोखिम भरा था ! इसका पूरा खर्च अस्पताल प्रबंधन ने उठाया !
डाक्टरों की टीम ने तीन चरणों में इस आपरेशन में सफलता पाई ! सुबह नौ बजे डाक्टरों की एक टीम ने एनेथेसिया देकर बच्चों को बेहोश किया ! जब बच्चों का बीपी , हार्ट बीट सब सामान्य हुआ तब डाक्टर संग्राम सिंह के नेतृत्व में सर्जरी डाक्टर राघवन आयंगर की टीम ने स्पाइनल कार्ड के बीच की गेप में से नसों को अलग अलग किया ! तीसरे चरण में दोनों बच्चो को अलग करने में डाक्टरों की टीम ने सफलता पाई ! इस आपरेशन के आधा घंटे बाद बच्चों को होश आया और उनकी हलचल दिखाई दी ! आपरेशन के बाद बच्चों के माता पिता ने बच्चों का नाम राम लखन रखा !
गौरतलब है कि स्पाइनल कार्ड से जुड़े इन बच्चों को 9 दिन पहले ही अस्पताल लाये थे ! इस जटिल आपरेशन में डॉ. मिलिंद जोशी , डॉ.यशस्वी खरे, डॉ. तन्मय व्यास, डॉ. अन्वेश जैन, डॉ. प्रगति निगोतिया, डॉ. मयंक कुलश्रेष्ठ का सराहनीय सहयोग रहा !

