इंदौर [ NI 24 ] एयरपोर्ट पर लेंड हो रहे विमान किसी भी सुरत में नहीं टकराते ! हवा में बड़ा हादसा होते होते बचने की खबर का एयरपोर्ट डायरेक्टर ने इसी तरह खंडन किया है ! डायरेक्टर के मुताबिक़ एयर ट्राफिक कंट्रोल ने अपने नियमो के अनुसार ही दो विमानों को एक के बाद एक लेंड होने की स्वीकृति दी थी !
इंदौर एयरपोर्ट पर लेंड होने से पहले दो विमान टकराते टकराते बचे और बड़ा हादसा टलने की खबर एक न्यूज़ चेनल ने गुरूवार शाम प्रसारित की थी ! इस न्यूज़ के बाद इंदौर से लेकर दिल्ली तक अफसरों में खलबली मच गई थी ! मामले में साधना न्यूज़ ने इंदौर एयरपोर्ट के डायरेक्टर राजेश शिंदे से बात की तो पता लगा की बुधवार शाम स्पाइस जेट की भोपाल इंदौर हैदराबाद और दिल्ली इंदौर दिल्ली के एयरक्राफ्ट इंदौर लेंड हो रहे थे !
भोपाल इंदौर हैदराबाद वाला एयरक्राफ्ट जब जमीन से 3700 फिट की उंचाई पर था तब विमान के पायलेट ने एयर क्राफ्ट कण्ट्रोल से लेंडिग की परमिशन मांगी ! एयरक्राफ्ट पायलट ने इस उंचाई पर लेंडिंग से पहले की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली थी — इस वजह से ए टी सी ने एयरक्राफ्ट के पायलट को लेंडिंग की परमिशन दे दी — इसके बाद ही दिल्ली इंदौर दिल्ली एयरक्राफ्ट के पायलट ने इंदौर ए टी सी से लेंडिंग की परमिशन मांगी ! दुसरे पायलट ने जब लेंडिंग की परमिशन मांगी तब एयरक्राफ्ट 5000 फिट की उंचाई पर था ! दोनों विमानों में 1300 फिट की दुरी होने और एक बाद एक दोनों के लेंडिंग से किसी तरह का ख़तरा नहीं होने की जाँच के बाद ए टी सी के अफसरों ने उसे भी उतरने की परमिशन दे दी !
जब दुसरे एयरक्राफ्ट को उतरने की परमिशन मिली तो पहले एयरक्राफ्ट के पायलट ने आपत्ति ले ली की दुसरे को उतरने की इजाजत क्यों दी गई ! ए टी सी के अफसरों ने एयरक्राफ्ट के पायलट को बताया की दोनों विमानों के लेंडिंग में किसी तरह का कोई खतरा नहीं है इस वजह से परमिशन दी गई है ! पायलट की इस आपत्ति की सुनवाई इंदौर में नहीं हुई तो उसने दिल्ली में इसकी शिकायत की ! शिंदे के मुताबिक़ पायलट ने बेवजह मामले को तूल दिया !
गौरतलब है की हर एयरक्राफ्ट में एंटी कॉलिजन सिस्टम लगा होता है ! ये सिस्टम विमान को खतरा होते ही बज उठता है ! शिंदे ने बताया की दो विमानों में एक हजार फिट की दुरी पर्याप्त दुरी होती है इस दुरी पर विमान के टकराने की संभावना ना के बराबर होती है ! जिन एयरक्राफ्ट के टकराने की संभावनाए जताई जा रही है उनमे तेरह सौ फिट की दुरी थी इस वजह से खतरे की कोई बात नहीं थी

