इंदौर [ NI 24 ] टंट्या भील याने वो शख्श जिसकी तूती विदेशी ताकत याने फिरंगियों पर सिर चढकर बोलती थी। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से 22 किलोमीटर दूर महू के समीप रौबदार छवि के साथ आजादी के इस दिवाने का नाम आज भी उसी सम्मान के साथ लिया जाता है और इस टाइगर पर मूवी बनाना भी ढेडी खीर थी लेकिन इंदौर के फिल्म निर्माता निर्देशक मुकेश चौकसे ने टांट्या भील के इतिहास को जुटाकर बडे पर्दे पर एतिहासिक जानकारी आम जन तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया और 21 सिंतबर को बडे पर्दे पर टंट्या भील अपना जलवा दिखाने को तैयार है।
फिर इतिहास दोहराया जाएगा फिर आएगे टंट्या मामा फिर से रुकेगी पटरियो पर ट्रेन और नई पीढी जान पाएगी उस आजादी के दीवाने की कहानी जो अंग्रेजो के लिए 1842 से लेकर 1889 तक सिरदर्द साबित हुआ था। बडे पर्दे पर 21 सिंतबर को रिलीज की जाने वाली टंट्या भील इंडियन राबिन हूड प्रदेश के लगभग 40 सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्षित की जाएगी।
हालांकि इस मूवी को बनाने का प्रयास देश भर के निर्माताओ ने किया था लेकिन टंट्या भील का इतिहास सिर्फ इंदौर के मुकेश चौकसे को मिला। हालांकि इसके पहले विवादित भुनासारा भी मालवा में ही निर्मित की गई लेकिन उसे सफलता नही मिल पाई।
मालवा की माटी के डायरेक्टर मुकेश चौकसे ने सुपर स्टार राजेश खन्ना को समर्पित कर टंट्या भील के रिलीज डेट की घोषणा सोमवार को इंदौर में की। उन्होने बताया कि काफी मशक्कत के बाद टंट्या भील के पैतृक गांव बडोदा अहिर पंधाना की जानकारी मिली और उतना ही मुश्किल पडा उनका इतिहास ढूंढना। लगभग 31 दिन चली फिल्म की शूटिंग का प्रोडक्सन 70 दिनो में पूरा हुआ। फिल्म में कादर खान, मुकेश चौकसे, अमरीत पाल सहित प्रदेश के लगभग 450 कलाकारो ने काम किया है। जहां कादर खान फिल्म में साधु की भूमिका में नजर आएगे वही टंट्या मामा का किरदार खुद मुकेश निभाएगें।
फिल्म निर्माता व निर्देशक मुकेश आर.चैकसे ने बताया कि यह फिल्म बडे पर्दे पर प्रदेश के सिनेमा घर में 21 सिंतबर को प्रदर्षित होगी ! टंट्या भील से न सिर्फ फिल्म की स्टार कास्ट को उम्मीद है बल्कि दर्षक भी इस मूवी के रिलीज होने का इंतजार कर रहे है।

