मुंबई [TNN] महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के मुखिया राज ठाकरे 11 अगस्त को मुंबई में हुई हिंसा के विरोध और गृह मंत्री आरआर पाटील के इस्तीफे की मांग के समर्थन में गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक मोर्चा निकाला। पुलिस ने उन्हें सिर्फ रैली करने की इजाजत दी थी, मोर्चा निकालने की नहीं। लेकिन ठाकरे ने पुलिस की इजाजत को दरकिनार करते हुए एक विशाल रैली निकाली।
ठाकरे ने धमकी भी दी थी कि अगर पुलिस ने मोर्चा रोकने का प्रयास किया, तो जो कुछ भी होगा उसके लिए वही जिम्मेदार होगी। मोर्चा निकालने के लिए करीब 30 हजार लोग जुटे हैं। हालात बिगड़े नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एमएनएस (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) ने गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक रैली निकाली। बताया जा रहा है कि इसमें 20 से 25 हजार लोगों ने राज ठाकरे के साथ मुंबई की सड़कों पर मार्च किया।
राज ठाकरे अपने समर्थकों के हुजूम के साथ आजाद मैदान मैदान पहुंच गए हैं। इस बीच, मुंबई के कई इलाकों में जाम लग गया है और केबल बंद कर दिया गया है। पुलिस-प्रशासन ने इस आयोजन को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए 15 हजार जवानों को तैनात किया है। पुलिस ने राज को सिर्फ आजाद मैदान में सभा करने की इजाजत दी थी, इसके बावजूद उन्होंने गिरगांव से आजाद मैदान तक 5 किलोमीटर की रैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया।

