नई दिल्ली [ इंटरनेट डेस्क ] पार्टी के ऐलान के साथ ही धुआंधार बैटिंग कर रही टीम केजरीवाल ने बीजेपी के दिग्गज नेता शांता कुमार की तरफ से फेंकी गई गुगली का फ्रंटफुट पर आकर जवाब दिया है। रॉबर्ट वाड्रा पर अरविंद केजरीवाल के आरोपों का समर्थन करते हुए बीजेपी उपाध्यक्ष शांता कुमार ने प्रियंका गांधी की शिमला में संपत्ति होने के बारे में खुलासा करने की मांग की थी। आईएसी ने उनके पत्र के जवाब में पूछा कि प्रियंका को पहाड़ की वादियों में संपत्ति खरीदने की इजाजत किस सरकार ने दी? वैसे, यह और बात है कि आईएसी की जवाबी गुगली से बीजेपी को बोल्ड होने को कोई आसार नहीं हैं क्योंकि इसकी इजाजत कांग्रेस की सरकार ने दी थी।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में बाहरी शख्स सरकार की इजाजत के बिना गैर-खेती लायक जमीन नहीं खरीद सकता है। सन् 2007 में कांग्रेस की वीरभद्र सिंह सरकार ने नियमों में ढील देते हुए प्रियंका गांधी को शिमला से 12 किलोमीटर दूर छाबड़ा गांव में 4 बीघा 5 बिस्वा जमीन खरीदने की इजाजत दी थी। शिमला के मशूहर हॉलिडे रिजॉर्ट ‘द रीट्रीट’ के पास स्थित इस जमीन पर प्रियंका अपना ड्रीम हाउस बनवा रही हैं। हां पिछले साल हुए निर्माण कार्य को प्रियंका ने गिरा दिया गया था और नए सिरे से इसे बनाने का काम शुरू किया गया है। यह मामला उस समय खूब उछला था जब प्रियंका को जमीन लेने की मंजूरी दी गई थी।
शांता कुमार और अरविंद केजरीवाल के पत्राचार ने इसे फिर से सुर्खियों में ला दिया है। आईएसी की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, शांता कुमार ने केजरीवाल को लिखे अपने पत्र में कहा कि वह शिमला में प्रियंका गांधी की संपत्ति के बारे में भी लोगों को बताएं।
रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ किए गए खुलासों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि शिमला में प्रियंका गांधी के नाम करोड़ों की संपत्ति है। शांता ने कहा कि केजरीवाल को इसके बारे में भी लोगों को बताना चाहिए।इस पत्र के जवाब में आईएसी ने कहा है कि हिमाचल में इस समय बीजेपी की ही सरकार है। इसलिए शांता कुमार जी के लिए इस बारे में पता करना ज्यादा आसान है। आईएसी ने शांता कुमार और मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से यह अपील की कि वह जनता को इस बारे में सही-सही बताएं।

