इंदौर [ NI 24 ] पुलिस के सामने एक अनूठी चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की। इस प्रतियोगिता में तकरीबन 70 मूक बधिर बच्चो ने भाग लिया। सिंघम बनी पुलिस ने जहां इन बच्चों के पर्यावरण के प्रति लगाव को सराहा वही इन बच्चो ने भी ड्राइंग शीट पर रंगीन रंगो के साथ पर्यावरण के हर रंगो को बखूबी पेश किया।
ना तो ये बोल सकते है और ना ही सुन सकते है हां लेकिन आम आदमी से कई गुना बढकर सोच इनकी है। शुक्रवार को तो इन बच्चो ने पर्यावरण के प्रति अपने लगाव को कलम और रंगो की सहायता से ड्राइंग सीट पर उकेरा और वो भी उन सिंघमों के बीच जिनके आस पास आने की हिमाकत आजकल कोई नही कर पा रहा है। मौका था इंदौर के तुकोगंज थाने के मूकबधिर सहायता केंद्र के 10 वर्ष पूरा हो जाने का। जहां बच्चो ने सिंघम बनी पुलिस के बीच पर्यावरण को प्रदूषित न कर उसे सहेजने का सन्देश आम जनता को दिया।
इंदौर के विजय नगर स्थित आनंद सोसायटी सर्विस में अध्ययनरत् साढे तीन साल से लेकर 18 वर्ष की उम्र के इन बच्चो की कला को सिंघम बनी इंदौर पुलिस ने सराहा। पुलिस की माने तो पर्यावरण समाज से जुडा एक अंग है ओर इसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। रंगो के जरिये पेड़ पौधे ओर पर्यावरण को बचाने की जुगत में लगे ये मूक बधिर बच्चे भले ही जिंदगी के हर सोपान का लुत्फ आम आदमी की तरह नही उठा पा रहे है लेकिन ये थाने में बैठकर हर अपराधी को सीख दे रहे है जो भले ही सामाजिक अपराधी है याफिर पर्यावरण का दुष्मन।

