टोनी आयरलैंड स्टेडियम में हुए खिताबी मुकाबले में मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हरा कर कप्तान उन्मुक्त चंद और समित पटेल की लाजवाब बल्लेबाजी के दम पर टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। उन्मुक्त की 111 रन और समित की 62 रन की नाबाद पारी के दम पर फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए 226 रन के लक्ष्य को भारतीय बल्लेबाजों ने 47.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया। गौरतलब है कि भारतीय टीम ने तीसरी बार अंडर-19 वर्ल्ड का खिताब जीता है। इससे पहले इंडिया ने सबसे पहले 2000 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में यह टूर्नामेंट जीता था। इसके बाद 2008 में मलेशिया में हुए इस जूनियर टूर्नामेंट में विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने खिताब पर कब्जा जमाया था।
भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान उन्मुक्त चंद रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में सेंचुरी जड़कर जूनियर वनडे इंटरनैशनल मैचों में सर्वाधिक सेंचुरी लगाने वाले बैट्समैन बन गए। उन्मुक्त का अंडर-19 वनडे मैचों में यह पांचवीं सेंचुरी है जो कि नया रेकॉर्ड है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के कैमरन बैकक्रॉफ्ट और साउथ अफ्रीका के क्विन्टन डि कॉक को पीछे छोड़ा जिनके नाम पर चार-चार सेंचुरी दर्ज हैं। उन्नीस वर्षीय उन्मुक्त ने अंडर-19 के 21 मैच में 67-58 की औसत से 1149 रन बनाए हैं। भारत ने तीसरी बार अंडर-19 का खिताब जीता और इस तरह से उसने ऑस्ट्रेलिया के रेकॉर्ड की बराबरी की।
ऑस्ट्रेलिया की सीनियर टीम ने 1987 में सीनियर वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, जबकि इसके एक साल बाद उसकी जूनियर टीम अंडर-19 का खिताब जीतने में सफल रही थी। यह पहला अवसर है जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम अंडर-19 के फाइनल में पराजित हुई। उन्मुक्त चंद की अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में धमाकेदार पारी देखने के बाद यह साफ हो गया है कि दिल्ली के क्रिकेटर दिल से दिलेर होते हैं। सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली, पिछले दस सालों में दिल्ली से निकलने वाले हर क्रिकेटर में यही खासियत दिखती है।
उन्मुक्त भी इसी परंपरा के खिलाड़ी हैं। उन्होंने चार साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। सात साल की उम्र में वह नैशनल स्टेडियम में ट्रेनिंग लेने पहुंच गए थे। वह बचपन से ही उग्र स्वभाव के खिलाड़ी थे। दस-बारह साल की उम्र से ही मैंने उन्हें मैच की पहली बॉल पर छक्का जड़ते देखा है। कोई हैरानी नहीं कि छक्के मारने के मामले में अंडर 19 में पूरी दुनिया में कोई खिलाड़ी उनके आस-पास भी नहीं है। उन्होंने अंडर 19 के 21 मैचों में 40 छक्के जड़े हैं।
भारत के कप्तान उन्मुक्त चंद ने पिछले चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में छह विकेट से हरा कर अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप खिताब जीतने के लिए अपने खिलाड़ियों की ‘टीम भावना और अनुशासन’ की जमकर तारीफ की। ‘हमने दो साल पहले शुरुआत की थी। यह बहुत शानदार यात्रा रही। पहले हम अलग -अलग राज्यों के 15 खिलाड़ी थे, लेकिन समय आगे बढ़ने के साथ हम एक यूनिट बन गए। खिलाड़ी बहुत अनुशासित हैं और उन्होंने इस अभियान में मेरी काफी मदद की। सभी का शुक्रिया: भारत के कप्तान उन्मुक्त ने कहा, ‘मैं ईश्वर का शुक्रिया अदा करता हूं कि मैं अपनी टीम को जीत दिलाने में सफल रहा।
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अच्छी बल्लेबाजी की लेकिन हम उनसे आगे निकल गए। मैं स्पोर्ट स्टाफ और उनकी लगातार हौसलाअफजाई के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। उनके सहयोग के बिना खिताब जीतना संभव नहीं था। मैं अपनी टीम का भी शुक्रिया अदा करता हूं। यह बहुत भावनात्मक क्षण है।
मैं सभी भारतवासियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने हमारे लिए प्रार्थना की। मैं स्टेडियम में मौजूद सभी भारतीय फैंस का भी शुक्रिया अदा करता हूं।’ उन्मुक्त चंद ने विकेटकीपर बल्लेबाज समित पटेल (नॉटआउट 62 ) के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 130 रन की अटूट भागीदारी की। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने संडे को अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारत की टीम के हर क्रिकेटर के लिए 20-20 लाख रुपए के नकद पुरस्कार की घोषणा की।
कप्तान उन्मुक्त चंद की सेंचुरी से भारतीय टीम ने टाउंसविले में संडे को पिछले चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हरा कर यह खिताब जीता। भारत ने तीसरी बार यह खिताब जीता है। बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन ने भारतीय टीम को बधाई दी। बोर्ड सचिव जगदाले ने भी दी बधाई: बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले ने भी भारत की अंडर-19 टीम वर्ल्ड कप जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा,’ टीम के हर सदस्य ने इस जीत के लिए कड़ी मेहनत की है। भारतीय टीम ने आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप में बेहतरीन क्रिकेट खेली। टीम के हर सदस्य ने इस जीत के लिए कड़ी मेहनत की और वे इस खिताब के हकदार थे।’

