इंदौर [ NI 24 ] मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोशियेशन में चल रही खीचतान के बाद आखिरकार 20 निष्काषित सदस्यों की जीत हुए..वही सभी सदस्यों को वोट डालने का भी अधिकार भी हाईकोर्ट की तरफ से मिल गया है ! लम्बी घमासान के बाद जिन 20 सदस्यों की सदस्यता mpca द्वारा शून्य करने का मामला जो की एक राजनितिक रूप ले चूका था ! मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ की डबल बैंच ने रविवार को एक अहम् फैसला लेते हुए एमपीसीए के उन 20 सदस्यों को राहत दी है जो एमपीसीए चुनाव में वोट डालने के लिए परेशान थे। दरअसल रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी द्वारा तर्क रखा गया था सदस्यो का चयन नियमो के विपरीत था इसलिए उनकी अयोग्यता उचित है। इस तर्क पर सदस्यो के वकीलो ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव में मतदान प्रक्रिया में सदस्यो को भाग लेने के लिए मौका दिए जाने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर हाईकोर्ट पूरे मामले की सुनवाई की और 20 सदस्यो के मतदान करने का अधिकार दे दिया वही हाईकोर्ट की डबल बैंच द्वारा सुनाए गए फैसले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है यदि एमपीसीए चुनाव में किसी भी पद पर जीत का अंतर यदि 20 से कम होता है तो परिणाम घोषित नही किए जाएगें। सूत्रो के मुताबिक इन 20 सदस्यो के मतदान का फैसला आते ही सिंधिया गुट को सीधा फायदा मिल सकता है।

