इंदौर [ NI 24 ] घर जा रहे बच्चों को पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर रिक्शा से उतार दिया। डीएसपी प्रदीपसिंह चौहान बुधवार को टीआई अरविंद तिवारी व संयोगितागंज टीआई शैलेंद्र श्रीवास्तव के साथ दोपहर 12.30 बजे सेंट रैफियल स्कूल पहुंचे। दल ने स्कूल परिसर के बाहर खड़े दस ऑटो, 35 दोपहिया वाहन, 4 चार पहिया वाहनों को कब्जे में ले लिया। ऑटो पर ट्रैफिक जाम की धारा 283 की कार्रवाई करते हुए उसे संयोगितागंज थाने भेज दिया जबकि अन्य वाहन चालकों के कोर्ट चालान बनाए गए। पुलिस ने जो ऑटो जब्त किए उनमें मासूम बच्चे बैठे थे जिन्हें उतरवा दिया। कई ऑटो चालक कार्रवाई देख भाग निकले। उन्होंने पालकों को कॉल कर कहा आप खुद आकर बच्चे ले जाएं।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि डीएसपी एक बच्ची का एडमिशन स्कूल में नहीं करने का बदला ले रहे हैं। उधर, डीएसपी ने आरोपों को निराधार बताया। गाड़ियों के मुद्दे पर पालकों और अफसर में तकरार हुई। पालक प्रिंसिपल सिस्टर विमला जैकब से मिलना चाहते थे लेकिन शिक्षिकाओं ने उन्हें बताया कि वे दूसरी बिल्डिंग में हैं। इस पर पालकों ने पूछा ऑटो वालों को अंदर खड़े करने में आपको क्या दिक्कत है। इस पर शिक्षिका ने कहा हमने आज ऑटो वालों को अंदर बुलवा लिया था और आगे दिक्कत रही तो बच्चे अंदर से ही बैठाएंगे !
इसके बाद पालकों ने बाहर रिक्शा चालकों से बात की तो उन्होंने बताया यहां 500 रिक्शे हैं। स्कूल वाले आज कह रहे हैं, बाद में मना कर देंगे। इस पर पालकों ने कहा हमने बात कर ली है और स्कूल वाले राजी हो गए हैं। बच्चे डर के मारे सड़क किनारे खड़े हो गए, सिपाही रिक्शा थाने ले गया।

