शिवपुरी (अजय दण्डौतिया)। शिवपुरी के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरेन्द्र रघुवंशी ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने वाले स्वसहायता समूहों को खत्म करने की साजिश का पर्दाफाश किया है। जिला कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में तकरीबन 26 स्वसहायता समूहों का नाम और हस्ताक्षरित ज्ञापन में पूर्व विधायक ने सत्ताधारी दल के चंद राजनेताओं पर आरोपित उंगली उठाते हुए आरोप उछाला है कि इन्होंने 75 प्रतिशत स्कूलों के मध्यान्ह भोजन की सप्लाई के ठेके खुद उठा रखे हैं। समूहों की आर्थिक तौर पर कमर तोडने के लिए उन्हें शासन द्वारा दिया जाने वाला सस्ता अनाज न देकर और उनका आधा भुगतान करके उन्हें खत्म करने की साजिश रची जा रही है।
पांच माह से गेहूं उपलब्ध नहीं, आधा भुगतान देकर कमर तोडऩे का आरोप
वीरेन्द्र रघुवंशी ने अपने ज्ञापन में आरोप उछालते हुए कहा है कि शासन द्वारा शिवपुरी शहर के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन वितरित किए जाने की योजना में स्वसहायता समूहों को शासन द्वारा सस्ते मूल्य पर गेहूं उपलब्ध कराया जाता है जो पिछले चार माह से उन्हें प्रदाय नहीं किया जा रहा है साथ ही सप्लाई किए गए मध्यान्ह भोजन की छात्र संख्या उपस्थिति भी संबंधित प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा छात्र संख्या प्रमाणित कराई जाती है। इसके पश्चात भी विभाग के अधिकारियों द्वारा लगभग पांच माह का आधा ही भुगतान समूहों को किया गया है।
स्वसहायता समूहों को खत्म करने की साजिश के तहत उपरोक्त कुटिल उपाये चिन्हित सत्ताधारियों के इशारे पर किए जा रहे हैं। पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने आरोप उछालते हुए कहा है कि राजनैतिक जन प्रतिनिधियों के द्वारा लगभग 75 प्रतिशत स्कूलों में मध्यान्ह भोजन सप्लाई के ठेके प्राप्त कर रखे हैं, जिनकी वदनियति यह है कि अधिकारियों द्वारा इन समूहों को परेशान कर इनके द्वारा दिया जा रहा भोजन भी ठेकेदारों द्वारा ही दिया जावे। इस प्रकार के प्रयासों द्वारा समूहों को परेशान किया जा रहा है।

