भोपाल [इंटरनेट डेस्क ] नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने वर्ष 2008 का विधानसभा चुनाव गैमन इंडिया के माध्यम से लड़ा था। कम्पनी को सरकार ने करीब 5 हजार करोड़ रूपए का फायदा पहुंचाया है। इसकी सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। यह आरोप उन्होंने शनिवार को अपने निवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में लगाए।
सिंह ने कहा कि विधानसभा में चर्चा के दौरान सरकार ने कहा था कि जमीन को लीज होल्ड से फ्री होल्ड नहीं किया गया था। जबकि हाईकोर्ट में एडवोकेट जनरल द्वारा दिए गए पत्र में कहा है कि जमीन को फ्री होल्ड से लीज होल्ड पर किया गया। इससे यह सिद्ध होता है कि जमीन लीज होल्ड से फ्री होल्ड हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में सरकार ने गलत जानकारी दी थी। उन्होंने अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे का आदेश दिखाते हुए कहा कि इसमें कहा गया है कि संस्था को लीज पर आवंटित भूमि को फ्री होल्ड किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता। इसके साथ ही जमीन को फ्री होल्ड करने वाले आदेश को निरस्त कर दिया था।सिंह ने कहा कि एक क्लॉज में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी कारण से गैमन इंडिया का प्रोजेक्ट पूरा नहीं होता था, तो उस तारीख तक कम्पनी के हुए खर्च का 1.7 गुना भुगतान सरकार कम्पनी को करेगी।
सिंह ने कहा कि राजस्व नियमों के अनुसार दीपमाला कंपनी से प्रीमियम और नवीनीकरण शुल्क न लिए जाने से शासन को 5276.2 करोड़ रूपए की राजस्व क्षति हुई है। ्रसिंह ने कहा कि पुनर्घनत्वीकरण का मूल सिद्धांत 2002 में कांग्रेस सरकार ने बनाया था। जिसमें शर्त थी कि पुनर्घनत्वीकरण योजना में सरकार का भी हिस्सा होगा, लेकिन गैमन इंडिया को लाभ पहुंचाने के लिए नवम्बर 2005 में पुनर्घनत्वीकरण योजना के लिए नई गाइड लाइन बनाई गई। जिसमें इस शर्त को हटा दिया गया। इसके बाद मई 2007 में टीटीनगर स्थित प्रोजेक्ट का टेंडर दिया गया।
उन्होंने कहा कि गैमन इंडिया को लाभ पहुंचाने में सरकार का हाथ है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच कराने और जांच पूरी होंने तक गैमन इंडिया के काम पर भी रोक लगाने के साथ उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन्होंने भी यहां फ्लैट बुक किए उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं।
पूर्व सांसद करती थी लाबिंग
अजय सिंह ने आरोप लगाया कि गुजरात की पूर्व सांसद गैमन इंडिया की लाबिंग करने के लिए भोपाल आती थी। उन्होंने कहा कि यह डीड 2008 के विधानसभा चुनाव की व्यवस्था बनाने के लिए किया गया था। यह चुनाव भाजपा ने गैमन इंडिया के माध्यम से लड़ा था। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भ्रष्टाचार मुद्दा रहेगा। जिसमें अब गैमन इंडिया का मामला भी शामिल हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष के आरोप गलत
इधर संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सीबीडी योजना में 5 हजार करोड़ से अधिक की राजस्व हानि संबंधी नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को असत्य और भ्रामक बताया है। मिश्रा ने कहा कि पुनर्घनत्वीकरण योजना में भू-भाटक शून्य रखने की नीति कांग्रेस सरकार के कार्यकाल वर्ष 2002 से प्रचलित है। उन्होंने बताया कि लाइन अनुसार इस जमीन की कीमत 82 करोड़ थी जबकि गेमन ने 338 करोड़ रूपए दिए।उन्होंने कहा कि योजना के संबंध में सलाहकार संस्था की राय को ध्यान में रखा गया है, जिसके सदस्यों में भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी रहते है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह भूमि कभी फ्री होल्ड हुई ही नहीं।

