इंदौर [ NI 24 ] काफी समय से चल रहे ओरियंटल यूनिवर्सिटी की मान्यता न होने का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है । आज एन एस यु आई ने ओरियंटल यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों का खुलासा करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस रोड पर की । जिसमें एन एस यु आई के जिलाध्यक्ष ने यूनिवर्सिटी को फर्जी बताया।
एन एस यु आई विश्विद्यालय की मान्यता न होने के दस्तावेजों का खुलासा छात्रों और विश्विद्यालय प्रबंधन के सामने करना चाहती थी । लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने एन एस यु आई नेताओं को विश्विद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया । जिसके चलते एन एस यु आई को प्रेस कांफ्रेंस यूनिवर्सिटी के बाहर सड़क पर करना पड़ी । कांफ्रेस में एन एस यु आई जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ यादव ने बताया की विश्विद्यालय के पास न तो ए आई सी टी और यु जी सी से मान्यता प्राप्त कोई दस्तावेज है और न ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के तहत 50 एकड़ जमीन जो की यूनिवर्सिटी को संचालित करने के लिए जरुरी है ।
सिद्धार्थ यादव के मुताबिक ओरियंटल यूनिवर्सिटी पिछले देड सालों से संचालित है जिसमें करीब 2 हजार छात्र अध्यनरत है चूँकि यूनिवर्सिटी पूर्णतः फर्जी है जिसके चलते इन छात्रों का भविष्य अन्धकार में है । साथ ही सिद्धार्थ यादव ने कहा की फर्जी रूप से संचालित यूनिवर्सिटी को चलाने में प्रदेश सरकार का भी हाथ है ।
वहीँ सिद्धार्थ यादव पर कुलाधिपति के. एल. ठकराल द्वारा 25 लाख रुपये मांगने के आरोप को लेकर सिद्धार्थ यादव ने कुलाधिपति के खिलाफ एक करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा न्यायालय में कर दिया है ।
वहीँ इस मामले में पत्रकारों ने संचालक के. एल. ठकराल से बात की तो ठकराल ऐसा कोई भी दस्तावेज दिखाने में असमर्थ नजर आए जिससे विश्वविद्यालय की मान्यता को लेकर किसी भी सवाल का जवाब मिल सके ।

