नई दिल्ली [ इंटरनेट डेस्क ] डीजल के दाम में बढ़ोतरी और रसोई गैस में कोटा सिस्टम का चौतरफा विरोध हो रहा है। कई शहरों में लोग और राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं सड़कों पर उतर आए हैं। राजनीतिक दलों ने रोलबैक न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इन सबके बीच सरकार और विपक्षी पार्टियों पर अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि उसके पास खजाने में पैसा नहीं है, इसलिए कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं।
केजरीवाल ने कहा कि मैं सरकार से पूछता हूं कि उद्योगपतियों को 13 लाख करोड़ रुपये का टैक्स छूट दे दिया जाता है, उन्हें 2 लाख करोड़ रुपये का कोयला फ्री में बांट दिया जाता है और आम आदमी के लिए 37 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी नहीं दी जा सकती है। केजरीवाल ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि दाम बढ़ते ही सभी राजनीतिक दलों का नाटक शुरू हो गया है। उन्होंने सवाल किया कि तृणमूल कांग्रेस और डीएमके के मंत्री राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमिटी (सीसीपीए) की उस मीटिंग में क्यों नहीं गए, जिसमें कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। उन्होंने बीजेपी और टीएमसी के विरोध को नाटक करार देते हुए सवाल किया कि दोनों पार्टियां अपने शासित राज्यों में डीजल सस्ता क्यों नहीं कर देतीं?
साल में छह सिलिंडर सस्ती रसोई गैस की लिमिट पर केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत नाइंसाफी है। नवीन जिंदल को साल में 370 सिलिंडर और आम आदमी को सिर्फ छह। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन विरोध की नौटंकी के बाद डीजल की बढ़ी कीमत में एक रुपये का रोलबैक हो जाएगा और सब चुप हो जाएंगे। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने भी डीजल के दामों में की गई बढ़ोतरी और सब्सिडी वाले एलपीजी सिलिंडरों की संख्या कम करने के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र की यूपीए सरकार पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी से निपटने के लिए आर्थिक नीतियों के अभाव होने का आरोप लगाया।
यूपीए के एक और महत्वपूर्ण सहयोगी दल डीएमके ने बढ़ोत्तरी को ‘बहुत ज्यादा’ और अप्रत्याशित करार दिया। पार्टी प्रमुख एम. करुणानिधि ने कहा कि मूल्य वृद्धि से गरीब और वेतनभोगी वर्ग और ज्यादा प्रभावित होंगे जो कि पहले से ही अनिवार्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों की मार झेल रहे हैं। उन्होंने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मामले पर चर्चा के लिए संयोजन समिति की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा डीजल मूल्यों में की गई वृद्धि को जनविरोधी कदम बताते हुए इसके विरोध में कल उत्तर प्रदेश के सभी जिलो में धरने प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि यूपीए सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए जनता के ऊपर असहनीय बोझ डाला है। इससे जहां महंगाई से त्रस्त आम जनता अब बेदम हो जाएगा, वहीं किसान की कमर टूट जाएगी। चौधरी ने कहा कि इस जन विरोधी कदम और जनता के साथ किए जा रहे धोखे के विरोध में समाजवादी पार्टी शनिवार को प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

