भोपाल के बहुचर्चित शहला मसूद हत्याकांड में हत्या के स्थल की तस्वीरें लेने वाला फोटोग्राफर सोमवार को इंदौर में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुआ और बचाव पक्ष के वकीलों ने उससे जिरह की। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनुपम श्रीवास्तव के सामने फोटोग्राफर एससी शर्मा पेश हुए। शर्मा फोरेंसिक विज्ञान के विशेषज्ञों के साथ 16 अगस्त को भोपाल में शहला की हत्या के बाद उनके घर के बाहर घटनास्थल पर पहुंचे थे।
बचाव पक्ष के वकील एजे भोजवानी द्वारा जिरह के दौरान शर्मा ने अदालत से कहा कि तस्वीरें लेते समय बाहर से गोलियां पता नहीं चलीं। गवाह ने अदालत को वे 22 तस्वीरें भी दिखाईं, जो उन्होंने ‘रोल’ (डिजिटल कैमरा नहीं) की मदद से चलने वाले कैमरे से ली थीं। बचाव पक्ष के वकील सुनील श्रीवास्तव की जिरह के दौरान शर्मा ने स्वीकार किया कि उन्होंने इस स्थल पर जाने के लिए न तो लॉग बुक में और न ही किसी आधिकारिक रजिस्टर में हस्ताक्षर किए थे।
फोटोग्राफर ने अदालत से कहा कि निगेटिव फिल्म से प्रिंट निकालकर इसे संबंधित प्राधिकार को दे दिया गया। बचाव पक्ष के वकील सुनील श्रीवास्तव कहा कि आधिकारिक नियमों का पालन नहीं करके ये तस्वीरें अवैध तरीके से ली गईं। श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष के गवाह यह नहीं बता पाए कि वे कैमरा और रोल कहां से लाए थे।
इस मामले में सुनवाई 13 दिसंबर को भी जारी रहेगी। सीबीआई ने इंटीरियर डिजाइनर जाहिदा परवेज को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया है, जबकि चार अन्य आरोपी जाहिदा की दोस्त सबा फारुकी, कथित शूटर इरफान अली, तबीश खान और साकिब अली हैं। इन सभी पर हत्या और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है। ये सभी आज अदालत में मौजूद थे। (भाषा)

